अजीब! पहले लिव-इन में रहो, फिर मिलती है शादी की इजाजत! छत्तीसगढ़ के इस समुदाय में है अनोखा रिवाज, जानें डिटेल्स में

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लिव-इन रिलेशनशिप एक रोमांटिक पार्टनरशिप है जिसमें दोनों पार्टनर बिना किसी शादी के फॉर्मल रिश्ते के एक ही छत के नीचे एक-दूसरे के साथ रहने का फैसला करते हैं। यह एक मॉडर्न डेफिनिशन है जो आजकल कपल्स के बीच बहुत पॉपुलर हो रही है। आजकल, शहरों में कई कपल्स लिव-इन रिलेशनशिप में रहते हैं। Gen Z जैसी पीढ़ियों के लिए लिव-इन रिलेशनशिप एक बहुत ही आम टॉपिक है, लेकिन दूसरी ओर, इसे अभी भी समाज और गांवों में रहने वाले लोग आसानी से स्वीकार नहीं करते हैं।

कबीले में लव-इन का रिवाज माना जाता है

लेकिन आपको बता दें कि एक ऐसा समाज भी है जहां शादी से पहले लिव-इन में रहना ज़रूरी है। यहां, लिव-इन में रहने के बाद ही कपल को शादी करने की इजाज़त होती है। परिवार की सहमति से, कपल शादी से कुछ दिन पहले लिव-इन में रहते हैं और उसके बाद ही शादी के फैसले पर मुहर लगाते हैं।

यह रिवाज अजीब लग सकता है लेकिन यह सच है। इस समाज को मुरिया या मुड़िया के नाम से जाना जाता है। यह समाज मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ के बस्तर इलाके में है। इसके अनुसार, लड़का और लड़की एक-दूसरे को जानने के लिए लिव-इन में रहते हैं। हैरानी की बात है कि इसमें लड़के और लड़की के परिवार वाले उनकी मदद करते हैं।

नियम के मुताबिक, इस समुदाय में कपल्स के एक-दूसरे को जानने के लिए एक घर बनाया जाता है, जिसे घोटुल कहते हैं। वे कुछ दिनों तक इस घोटुल में साथ रहते हैं। घोटुल बांस और बल्लियों से बनता है। घोटुल में रहने वाले लड़के को चेलिक और लड़की को मोटियारी कहते हैं। इस नियम का इस समुदाय में सख्ती से पालन किया जाता है। इस समुदाय में लिव-इन शर्म की बात नहीं है, बल्कि सही पार्टनर को ज़िंदगी देने के लिए एक ज़रूरी बात है। आज भी यहाँ मुख्य रूप से इसी रिवाज को माना जाता है और इस रिवाज को बड़ों ने भी मंज़ूरी दी है।

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