VIRAL VIDEO: मौत के बाद भी कर सकेंगे शख्स से बात! AI टेक्नोलॉजी का चीन ने कर दिया ऐसा इस्तेमाल, देख कर उड़ जाएंगे होश

हम हमेशा कहते हैं कि साइंस ने तरक्की कर ली है, लेकिन चीन (China) में हुई एक घटना ने एक अजीब उदाहरण पेश किया है कि यह तरक्की इंसानी भावनाओं के कितने करीब आ गई है। शेडोंग प्रांत में एक सड़क हादसे में एक शख्स की असमय मौत हो गई। घर में दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था, लेकिन सबसे बड़ी मुश्किल युवक की 80 साल की मां को यह खबर बताना था। दिल की बीमारी से जूझ रही मां अपने दिल के टुकड़े की मौत बर्दाश्त नहीं कर पा रही थीं। ऐसे समय में परिवार ने जो रास्ता चुना, उसे पढ़कर कोई भी हैरान रह जाएगा।
फोटो से निकला ‘डिजिटल’ बेटा
मां को इस सदमे से बचाने के लिए परिवार ने जिआंग्सू प्रांत के जाने-माने AI एक्सपर्ट झांग जीवेई की मदद ली। उन्होंने मरने वाले की पुरानी फोटो, वीडियो और वॉयस सैंपल इकट्ठा किए। युवक के बोलने के तरीके, उसकी लोकल बोली के शब्दों और उसके मुस्कुराने के तरीके की स्टडी करके एक ‘AI अवतार’ बनाया गया। यह अवतार सिर्फ फोटो की तरह स्थिर नहीं है, बल्कि वीडियो कॉल में एक जिंदा इंसान की तरह चलता-फिरता भी है।
Immortality via video call
— nikola 3 (@ronin19217435) April 23, 2026
Korea has developed an artificial intelligence that can communicate with deceased people via video. It interviews you with personal questions for 7 hours to learn your habits. It then creates a digital copy of you that can live forever and replace you… pic.twitter.com/1jZLBISoez
माया की वो रोज़ की वीडियो कॉल
आज, 80 साल की माँ को नहीं पता कि उसका बेटा उसे हमेशा के लिए छोड़कर चला गया है। यह AI अवतार रोज़ एक चैट ऐप के ज़रिए उसकी माँ को वीडियो कॉल करता है। “माँ, आपने खाना खाया?”, “आज कैसी हो?” वह अपनी पुरानी आवाज़ में उससे सीधी-सादी लेकिन माया की तरह बात करता है। AI टेक्नोलॉजी इतनी एडवांस्ड है कि अवतार वैसी ही हरकतें करता है जैसे बेटा बात करते समय झुकता या पलकें झपकाता। माँ को लगता है कि उसका बेटा कहीं दूर काम कर रहा है और वहीं से उसका ख्याल रख रहा है।
टेक्नोलॉजी या इमोशनल धोखा?
इस घटना ने दुनिया भर में एक नई बहस छेड़ दी है। एक तरफ़, AI के इस इस्तेमाल को इंसानी तकलीफ़ कम करने के लिए वरदान माना जा रहा है, तो दूसरी तरफ़ नैतिक सवाल भी उठ रहे हैं। किसी मरे हुए इंसान को इस तरह ‘डिजिटल’ रूप में ज़िंदा रखना मेंटल हेल्थ के लिए कितना अच्छा है? क्या सच छिपाकर माँ को इस तरह के भ्रम में रखना धोखा नहीं है? कई एक्सपर्ट्स ने ऐसे सवाल उठाए हैं। हालाँकि, बूढ़ी माँ के चेहरे पर संतुष्टि देखकर कई लोगों ने इस प्रयोग का स्वागत किया है।
