जितने में आ जाए नई Mercedes कार, उतना बना रिपेयर खर्च; बेंगलुरु के इंजीनियर के उड़े होश

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PC: NDTV

सोचिए, आप एक भयानक कार दुर्घटना में बाल-बाल बच जाएं, लेकिन असली झटका तब लगे जब आपको पता चले कि गाड़ी ठीक कराने का खर्च नई कार खरीदने जितना ही है! कुछ ऐसा ही हुआ बेंगलुरु में Amazon के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर, एडम रिज़्क के साथ।

कैसे हुआ हादसा?
तेज़ बारिश के दौरान एडम की मर्सिडीज़-बेंज सड़क पर हाइड्रोप्लेन (Hydroplane) हो गई। हाइड्रोप्लेनिंग वह स्थिति है जब सड़क पर जमा पानी के कारण कार के टायरों और सड़क के बीच का संपर्क पूरी तरह टूट जाता है और गाड़ी पर से ड्राइवर का नियंत्रण खत्म हो जाता है। नियंत्रण खोने के कारण कार हाईवे डिवाइडर को पार करती हुई दूसरी लेन में जा पहुंची।

सौभाग्य से, एडम इस बड़े हादसे में सुरक्षित बच गए और उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई।

₹61 लाख का झटका
राहत की सांस लेने के बाद जब एडम अपनी क्षतिग्रस्त कार को मर्सिडीज़-बेंज के अधिकृत सर्विस सेंटर ले गए, तो वहाँ का रिपेयर एस्टीमेट देखकर उनके होश उड़ गए। सर्विस सेंटर ने मरम्मत का कुल खर्च ₹61 लाख बताया—यह रकम लगभग उतनी ही थी जितनी में उन्होंने वह कार खरीदी थी। एडम जानते थे कि लग्जरी कार की रिपेयरिंग महंगी होती है, लेकिन इस आंकड़े की उम्मीद उन्हें भी नहीं थी।


इंटरनेट पर छिड़ी बहस
जैसे ही यह मामला सोशल मीडिया पर आया, लोगों का ध्यान इस भारी-भरकम बिल पर गया:

कई यूज़र्स ने सलाह दी कि इतने पैसे मरम्मत पर लगाने के बजाय नई कार खरीदना ही समझदारी होगी।

लोगों ने ध्यान दिलाया कि एक बिल्कुल नई Mercedes-Benz C-Class की कीमत भी वेरिएंट के आधार पर करीब ₹70 लाख के आसपास होती है। ऐसे में ₹61 लाख सिर्फ रिपेयरिंग पर खर्च करना आर्थिक रूप से पूरी तरह गलत फैसला होगा।

आगे क्या हुआ?
एडम ने जानकारी दी कि उनकी कार को 'टोटल लॉस' (Total Loss) घोषित कर दिया गया है। इसका मतलब है कि बीमा कंपनी गाड़ी ठीक कराने का खर्च देने के बजाय इंश्योरेंस शर्तों और मूल्यांकन (Assessment) के आधार पर उन्हें कैश सेटलमेंट (पेआउट) करेगी।

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