Ram Manohar Lohia: पढ़ें राम मनोहर लोहिया के 6 अनमोल विचार

 
rochak

डॉ राम मनोहर लोहिया भारत के स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानियों में से एक हैं। वह सभी की समानता में विश्वास करते थे और भारत की जाति व्यवस्था के प्रबल विरोधी थे। देश की आजादी के बाद उन्होंने पंडित जवाहरलाल नेहरू की नीतियों का खुलकर विरोध किया। उन्होंने आरक्षण का समर्थन किया और महिला सशक्तिकरण के समर्थक थे। आज उनकी पुण्यतिथि पर आइए जानते हैं उनके 7 अनमोल विचार:-

१- अंग्रेजी का प्रयोग मौलिक सोच में बाधक है, हीनता की भावना का प्रजनक है और शिक्षित और अशिक्षित लोगों के बीच की दूरी है। आइए हम हिंदी की वास्तविक प्रतिष्ठा को बहाल करने के लिए संगठित हों।

r
 
2- यदि कोई समाजवादी सरकार बल प्रयोग करती है, जिसके परिणामस्वरूप कुछ लोगों की मृत्यु हो जाती है, तो उसे शासन करने का कोई अधिकार नहीं है।

3- जब बड़े सामाजिक परिवर्तन के कार्य शुरू होते हैं तो समाज में कुछ लोगों में इसका विरोध करने का जोश होता है।

4- एक भारतीय महिला को द्रौपदी की तरह होना चाहिए, जिसने कभी किसी पुरुष से अपना दिमाग नहीं खोया।

e

5- स्त्री को गट्ठर के समान नहीं बल्कि इतना शक्तिशाली होना चाहिए कि वह समय पर पुरुष को गट्ठर के रूप में अपने साथ ले जा सके।

६- जो जोर से बोलते हैं वे क्रांति नहीं कर सकते, वे ज्यादा काम नहीं कर सकते। आलस्य की नहीं लज्जा की जरूरत है।

From Around the web