OMG! बेटी का नोटों से खेलते AI वीडियो पोस्ट करना शख्स को पड़ गया भारी, दोस्त ने असली समझकर लूट लिया घर

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युवक को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करना बेहद भारी पड़ गया। उसने AI से एक नोट का वीडियो बनाया और उसे WhatsApp पर स्टेटस के तौर पर पोस्ट कर दिया। और तभी घर में मुसीबत आ गई। करीब 10 लाख रुपये का नुकसान हुआ। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना महाराष्ट्र के नागपुर में हुई। नागपुर के रहने वाले समीर याचलवार को यह 'नकली दौलत' दिखाना इतना महंगा पड़ा कि उसने अपनी लगभग सारी सेविंग्स गंवा दीं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस लूट को अंजाम देने वाला कोई और नहीं बल्कि समीर का करीबी दोस्त है। आरोपी का नाम श्रेयस बोरकर है।

यह घटना WhatsApp स्टेटस पर पोस्ट किए गए एक वीडियो से शुरू हुई। अपने दोस्तों को इम्प्रेस करने के लिए समीर ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद ली। उसने AI का इस्तेमाल करके एक वीडियो एडिट किया। इसमें वह भारी मात्रा में कैश पकड़े हुए दिख रहा है। वीडियो में उसकी बेटी भी नोटों से खेलती दिख रही है। इत्तेफ़ाक से यह वीडियो श्रेयस के ध्यान में आ गया। उसे AI वीडियो असली लगा। दोस्त की अलमारी में भरे पैसे देखकर वह अपना लालच कंट्रोल नहीं कर सका। श्रेयस ने उन पैसों को लूटने का प्लान बनाया। उसने अपने साथियों के साथ दोस्त के घर पर धावा बोल दिया।

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समीर ने आरोप लगाया कि वह सुबह काम पर निकला और शाम को घर लौटा तो घर का मेन दरवाज़ा थोड़ा खुला हुआ था। अंदर घुसा तो देखा कि करीब साढ़े चार लाख रुपये की जूलरी और चार लाख रुपये कैश चोरी हो गए थे। चोरी के समय उसकी पत्नी और बच्चे घर के अंदर सो रहे थे।

श्रेयस और उसके साथी सिर्फ चोरी करने तक ही नहीं रुके। बाद में उनका लालच और बढ़ गया। श्रेयस ने समीर को फोन करके जान से मारने की धमकी देना शुरू कर दिया। धमकी देकर उससे 40 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई। एक के बाद एक धमकी मिलने के बाद, समीर ने आखिरकार नागपुर के बेलतरोडी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई और पुलिस को पूरी घटना बताई। और तभी साजिश का पर्दाफाश हुआ।

नागपुर पुलिस स्टेशन के अधिकारी ने बताया कि यह परेशानी सोशल मीडिया पर पैसे के झूठे प्रदर्शन की वजह से शुरू हुई। शिकायत मिलने के तुरंत बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस घटना में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक, जांच के दौरान CCTV फुटेज में एक व्यक्ति समीर के घर के बाहर बैग फेंकता हुआ दिखा। बाद में, घटना के दौरान इस्तेमाल की गई एक कार के रजिस्ट्रेशन नंबर की पहचान हुई। उस नंबर से मिलान करके आरोपियों का पता लगाया गया।

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