Offbeat: महाभारत का वो योद्धा, जो 1 मिनट में खत्म कर सकता था युद्ध: जानिए घटोत्कच के बेटे बर्बरीक की अमर गाथा

PC: TV9 Bharatvarsh
महाभारत के युद्ध में एक से बढ़कर एक महायोद्धा शामिल थे, लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुरुक्षेत्र में एक ऐसा योद्धा भी था जो अकेले ही महज 1 मिनट में पूरा युद्ध समाप्त कर सकता था? वह पराक्रमी योद्धा बर्बरीक थे, जो महाबली भीम के पोते और घटोत्कच के पुत्र थे। जिन्हें आज पूरा देश 'खाटू श्याम जी' के रूप में पूजता है।
बर्बरीक ने मां देवी की तपस्या से तीन ऐसे अचूक बाण प्राप्त किए थे, जो कभी निष्फल नहीं होते थे। इन तीनों बाणों से वह पलभर में पूरी सेना का संहार कर सकते थे, इसीलिए उन्हें 'तीन बाण धारी' कहा गया। युद्ध में जाने से पहले उनकी मां ने उन्हें वचन दिया था कि "जो पक्ष हार रहा हो, तुम हमेशा उसी का साथ देना।"
भगवान श्रीकृष्ण जानते थे कि युद्ध में जब कौरव हारने लगेंगे, तो बर्बरीक अपने वचन के अनुसार उनकी तरफ से लड़ने लगेंगे। इससे पांडव हार जाते और अंत में केवल बर्बरीक ही बचते। धर्म की रक्षा के लिए कृष्ण ने एक साधारण ब्राह्मण का रूप धरा और बर्बरीक से दान में उनका शीश (सिर) मांग लिया।
बिना एक पल हिचकिचाए बर्बरीक ने अपना शीश काटकर श्रीकृष्ण को दान कर दिया। उनके इस महान त्याग से प्रसन्न होकर कृष्ण ने उन्हें वरदान दिया कि कलयुग में वह उनके 'श्याम' नाम से पूजे जाएंगे और भक्तों के सारे कष्ट हर लेंगे। शीश दान करने से पहले बर्बरीक ने पूरा युद्ध देखने की इच्छा जताई थी, जिसे कृष्ण ने पूरा किया। आज राजस्थान के सीकर में स्थित खाटू श्याम मंदिर में वे 'हारे का सहारा' के रूप में पूजे जाते हैं।
