Kaliyug Ka Ant: कैसे होगा कलयुग का अंत? पुराणों में दर्ज है वो खौफनाक सच और भगवान कल्कि के जन्म का रहस्य

DD

PC: AAJ TAK

हिंदू धर्म और पौराणिक ग्रंथों (पुराणों) में काल चक्र को चार युगों—सतयुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग और कलयुग में बांटा गया है।  वर्तमान में कलयुग चल रहा है। मान्यता है कि कलयुग पाप, अधर्म, लालच और अत्याचार का युग है। जैसे जैसे कलयुग बीतता जाएगा ये सब चीजें अपने चरम पर पहुंच जाएगी। 

आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि जिस कलयुग में हम जी रहे हैं, उसका अंत आखिर कैसे और कब होगा? शास्त्रों में कलयुग के अंत और उसके बाद बनने वाली नई सृष्टि का बेहद सटीक और विस्तृत वर्णन मिलता है।

कलयुग के अंत में होगा ऐसा 

कलयुग के अंत के समय सत्य, पवित्रता, दया और क्षमा जैसी भावनाएं समाप्त हो जाएंगी। लोग केवल धन और सत्ता के भूखे होंगे। इसके साथ ही मौसम का चक्र बदल जाएगा। कहीं बेहद सूखा पड़ेगा तो कहीं अतिवृष्टि और प्राकृतिक आपदाएं तबाही मचाएंगी।

इसके अलावा कलयुग के अंत तक इंसान की औसत उम्र घटकर महज 12 से 20 वर्ष रह जाएगी। इंसानों की लम्बाई भी बेहद ही कम रह जाएगी। 

 धन के लिए लोग अपनों का ही खून बहाने लगेंगे और गुरु-शिष्य या माता-पिता के पवित्र संबंधों की मर्यादा खत्म हो जाएगी।

भगवान कल्कि का अवतार  

जब धरती पर पाप अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच जाएगा तो कलयुग का अंत करने के लिए भगवान विष्णु का 10वां अवतार—'कल्कि अवतार' का जन्म होगा। श्रीमद्भागवत पुराण के अनुसार, भगवान कल्कि उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में स्थित संभल गांव में 'विष्णुयश' नाम के एक धर्मनिष्ठ ब्राह्मण के घर जन्म लेंगे।

 वे पृथ्वी से सभी दुष्टों, अत्याचारियों और म्लेच्छों का अंत करेंगे और धर्म की पुनः स्थापना करेंगे।

फिर होगी सतयुग की शुरुआत 

भगवान कल्कि द्वारा अधर्म का विनाश करने के बाद कलयुग की समाप्ति होगी। इसके बाद पृथ्वी पर एक बार फिर से 'सतयुग' की शुरुआत होगी। सतयुग में लोग पुनः सत्य, धर्म और भक्ति के मार्ग पर चलेंगे, और मानव सभ्यता फिर से सुख, शांति और समृद्धि की ओर बढ़ेगी।

From Around the web