‘तीन जगह से टेढ़े…’ Dhirendra Shastri ने श्रीराम से तुलना कर भगवान श्रीकृष्ण की ली फिरकी, KRK ने कहा-‘अनपढ़ जाहिल बाबा’

PC: IN KHABAR
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक बार फिर अपने बयान के कारण विवाद के घेरे में हैं। भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण की तुलना करते हुए दिए गए उनके एक बयान पर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। लोग उन्हें आड़े हाथों ले रहे हैं, वहीं बॉलीवुड अभिनेता और समीक्षक कमाल आर. खान (KRK) ने भी इस पर कड़ी आपत्ति जताई है।
क्या है पूरा विवाद?
वायरल हो रहे वीडियो में धीरेंद्र शास्त्री मंच से भगवान श्रीकृष्ण और मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की तुलना करते नजर आ रहे हैं। इस दौरान उन्होंने कहा:
"अपने वाले ठाकुर जी का एक भी फोटो देख लो, कहीं बैठे हैं तो टेढ़ें, वो खड़े भी होते हैं तो तीन जगह से टेढ़े। पैर के ऊपर पैर, कमर कहीं लचकाएं, बंसी बजाएं तो टेढ़े। हमारे वाले खड़े भी होते हैं तो एकदम सीधे होते हैं। हमारे वाले का नाम भी एकदम सीधा, हमारे वाले भगवान का चलना भी एकदम सीधा, दिखते भी सीधे हैं।” वह गुनगुनाते हैं “बंसी बजाना तो खेल भी है, लेकिन धनुष चलाना खेल नहीं।"
He is insulting Bhagwan Krishna Ji. Now Andhbhakts will not say one word also. https://t.co/B3yPFcl2dm
— KRK (@kamaalrkhan) November 1, 2026
इसके साथ ही उन्होंने आगे कहा, "हमारे वाले भगवान का धाम भी सीधा है, अयोध्या धाम। तुम्हारे वाले भगवान का धाम वृंदावन है। तुम्हारे ठाकुर जी बंसी बजाते हैं, ये कोई बड़ी बात थोड़े ही है, बंसी तो ये भी बजा लेते हैं।"
हालांकि, बयान के अंत में उन्होंने यह भी जोड़ा कि वह श्रीकृष्ण के विरोधी नहीं हैं, बस प्रसंगवश यह बात कह रहे हैं, लेकिन तब तक उनका यह वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो चुका था।
सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया और KRK का तंज
धीरेंद्र शास्त्री के इस बयान के सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स और कृष्ण भक्तों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है:
केआरके का रिएक्शन: अपने बेबाक बयानों के लिए मशहूर KRK (कमाल आर. खान) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा, "यह भगवान श्री कृष्ण का अपमान कर रहा है और अंधभक्त एक शब्द भी नहीं कह रहे हैं।"
जनता का गुस्सा: सोशल मीडिया पर तमाम यूजर्स बाबा को आड़े हाथों ले रहे हैं। एक यूजर ने उन्हें 'अनपढ़ जाहिल' तक कह डाला, तो वहीं अन्य ने कहा कि उन्हें धार्मिक मामलों पर बोलते समय मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए। कई लोगों ने इसे भगवान का अपमान करार दिया है।
