बिजली बिल से जुड़ेगा गाड़ी का चालान? सुप्रीम कोर्ट ने कहा- ऐसे ही सुधरेंगे सड़कों के लापरवाह

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pc: jivantnews.com

ट्रैफिक नियम तोड़ने के बाद आपकी गाड़ी पर ई-चालान लगा है और आपने अभी तक उसका पेमेंट नहीं किया है? तो यह आपके लिए ज़रूरी खबर है। सुप्रीम कोर्ट ने बकाया ई-चालान की रिकवरी के लिए सख्त कदम उठाने का निर्देश दिया है। 28 सितंबर को जारी यह आदेश 1 अक्टूबर को अपलोड किया गया था। ये निर्देश एस राजसीकरन बनाम यूनियन ऑफ इंडिया केस की सुनवाई के दौरान दिए गए थे।

करोड़ों रुपये के चालान बकाया हैं
कोर्ट के सामने पेश किए गए डेटा के मुताबिक, ई-चालान से ₹49,195.05 करोड़ का जुर्माना वसूल होने की उम्मीद थी। जिसमें से ₹26,175.05 करोड़ वसूल हो चुके हैं। हालांकि, अभी भी करीब ₹23,019 करोड़ का जुर्माना बकाया है। इसलिए, सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि सिर्फ ई-चालान जारी करके बकाया जुर्माने को रोका नहीं जाना चाहिए, बल्कि असरदार तरीके से वसूला जाना चाहिए।

बकाया ई-चालान होने पर कौन सी सुविधाएं बंद की जा सकती हैं? अगर आपकी गाड़ी का ई-चालान बकाया है, तो गाड़ी से जुड़ी कुछ ऑनलाइन सर्विस बंद या ब्लॉक हो सकती हैं। इनमें RC रिन्यूअल, डुप्लीकेट RC लेना, गाड़ी मालिक का पता बदलना और फिटनेस सर्टिफिकेट लेना शामिल है। इन सर्विस का फायदा बकाया चालान भरने के बाद ही उठाया जा सकता है।

गाड़ी परिवहन पोर्टल पर ब्लैकलिस्ट हो सकती है
जिस गाड़ी का ई-चालान बकाया है, उसे परिवहन पोर्टल पर ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है। इससे गाड़ी बेचते समय या गाड़ी का मालिकाना हक किसी दूसरे व्यक्ति को ट्रांसफर करते समय दिक्कतें आ सकती हैं। यह भी निर्देश दिया गया है कि बकाया चालान वाली गाड़ी को PUC सर्टिफिकेट जारी न किया जाए।

इंस्पेक्शन के दौरान गाड़ी सीज की जा सकती है
सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि गाड़ियों का रैंडम इंस्पेक्शन किया जाए। अगर ऐसे इंस्पेक्शन के दौरान कोई ई-चालान बकाया पाया जाता है, तो गाड़ी सीज करने की कार्रवाई की जा सकती है। इसलिए, गाड़ी मालिकों के लिए यह ज़रूरी होगा कि वे चेक करें कि उनकी गाड़ी पर कोई ई-चालान बकाया तो नहीं है और उसे समय पर भर दें।

पांच या उससे ज़्यादा ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई
अगर कोई ड्राइवर 1 जनवरी, 2026 से शुरू होकर एक साल में पांच या उससे ज़्यादा ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करता है, तो ड्राइविंग लाइसेंस के रिन्यूअल पर रोक लग सकती है। कुछ मामलों में लाइसेंस सस्पेंड करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।

ट्रैफिक नियमों पर नज़र रखने के लिए AI कैमरे
ट्रैफिक नियमों को और असरदार बनाने के लिए, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को AI-बेस्ड इलेक्ट्रॉनिक ट्रैफिक एनफोर्समेंट सिस्टम को मज़बूत करने का निर्देश दिया गया है। इस बीच, सुप्रीम कोर्ट के लिखित आदेश में ऐसा कोई निर्देश नहीं है कि बकाया ई-चालान की रकम सीधे बिजली बिल से वसूली जाएगी। सुनवाई के दौरान बिजली बिल के ज़रिए जुर्माना वसूलने के मुद्दे पर चर्चा हुई।

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