नाइट क्रीम का इस्तेमाल सिर्फ़ रात में ही क्यों करना चाहिए? एक्सपर्ट्स ने दी ज़रूरी सलाह

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आजकल स्किन केयर के लिए कई तरह की क्रीम और स्किनकेयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल बहुत होता है। इनमें से “नाइट क्रीम” को खास तौर पर ज़रूरी माना जाता है। हालांकि, बहुत से लोग सोचते हैं कि इस क्रीम का इस्तेमाल सिर्फ़ रात में ही क्यों करना चाहिए? अगर इसे दिन में इस्तेमाल किया जाए तो क्या हो सकता है? डर्मेटोलॉजिस्ट ने इस टॉपिक पर ज़रूरी जानकारी दी है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, नाइट क्रीम का कंपोज़िशन और इंग्रीडिएंट्स खास तौर पर रात में स्किन के रीजेनरेशन प्रोसेस में मदद करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। इसलिए, इस क्रीम का इस्तेमाल हमेशा दिन में करना सही नहीं होता है। स्किन दिन भर धूप, प्रदूषण और धूल जैसे बाहरी फैक्टर्स से खुद को बचाने का काम करती है। हालांकि, रात में स्किन का रोल बदल जाता है।

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, रात 11 बजे से सुबह 4 बजे के बीच स्किन में माइक्रोसर्कुलेशन बढ़ता है और सेल रिपेयर प्रोसेस ज़्यादा तेज़ी से होता है। इस समय, स्किन खुद को रिपेयर करती है, कोलेजन और इलास्टिन का प्रोडक्शन बढ़ता है, और दिन भर हुए नुकसान की भरपाई होती है। इसलिए, नाइट क्रीम इस नेचुरल प्रोसेस को और असरदार बनाने के लिए डिज़ाइन की जाती हैं। डर्मेटोलॉजिस्ट कहते हैं कि नाइट क्रीम में अक्सर रेटिनॉल, AHA/BHA एसिड, पेप्टाइड्स, हाइलूरोनिक एसिड और एंटीऑक्सीडेंट जैसे एक्टिव इंग्रीडिएंट्स होते हैं। ये इंग्रीडिएंट्स स्किन को नया बनाने, दाग-धब्बे कम करने और झुर्रियों को कम करने के लिए फायदेमंद होते हैं।

हालांकि, इनमें से कुछ इंग्रीडिएंट्स धूप में स्किन को परेशान कर सकते हैं। रेटिनॉल और कुछ एसिड खासकर “फोटोसेंसिटिव” होते हैं, जिसका मतलब है कि धूप में इनका असर कम हो जाता है या स्किन में जलन, लालिमा और सेंसिटिविटी हो सकती है। इसलिए, ऐसे इंग्रीडिएंट्स का इस्तेमाल सिर्फ रात में करना सुरक्षित माना जाता है। दिन और रात में स्किन की ज़रूरतें बिल्कुल अलग होती हैं। दिन में स्किन को मुख्य रूप से सुरक्षा की ज़रूरत होती है। दिन में सूरज की अल्ट्रावॉयलेट किरणों से सुरक्षा, प्रदूषण से सुरक्षा और नमी बनाए रखना मुख्य ज़रूरतें हैं। इसलिए, डे क्रीम में हल्का टेक्सचर, सनस्क्रीन (SPF) और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। इसके उलट, रात में स्किन “रिपेयर मोड” में चली जाती है, इसलिए नाइट क्रीम ज़्यादा गाढ़ी, ज़्यादा पौष्टिक और एक्टिव इंग्रीडिएंट्स से भरपूर होती हैं। यह क्रीम स्किन को गहराई से पोषण देती है और उसे नया जैसा बनाती है। 

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर दिन में नाइट क्रीम का इस्तेमाल किया जाए तो स्किन पर कुछ बुरे असर हो सकते हैं। क्योंकि इन क्रीम में आमतौर पर SPF नहीं होता, इसलिए स्किन सूरज की नुकसानदायक किरणों से बची रहती है। इसके अलावा, क्योंकि नाइट क्रीम गाढ़ी होती हैं, इसलिए वे स्किन पर एक ऑयली लेयर बना सकती हैं, जिससे मेकअप खराब हो सकता है या स्किन चिपचिपी लग सकती है। कुछ लोगों में इससे एक्ने, पिंपल्स या बंद पोर्स की समस्या बढ़ सकती है। इसलिए, दिन में नाइट क्रीम का इस्तेमाल स्किन के लिए सही नहीं माना जाता। डर्मेटोलॉजिस्ट ने खास तौर पर बताया है कि नाइट क्रीम में कुछ इंग्रीडिएंट्स धूप में एक्टिव नहीं रहते या स्किन में जलन पैदा कर सकते हैं। रेटिनॉल, ग्लाइकोलिक एसिड और कुछ एसेंशियल ऑयल स्किन को धूप के प्रति सेंसिटिव बना देते हैं। इससे दाग-धब्बे, सूजन या हाइपरपिग्मेंटेशन हो सकता है। कभी-कभी स्किन ज़्यादा सेंसिटिव होकर लाल हो सकती है। इसलिए, इन इंग्रीडिएंट्स को सिर्फ रात में इस्तेमाल के लिए सुरक्षित माना जाता है।

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, स्किन की सही देखभाल के लिए दिन और रात के लिए अलग-अलग क्रीम का इस्तेमाल करना ज़रूरी है। सुबह चेहरा साफ करने के बाद, लाइट डे क्रीम और सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना ज़रूरी है। यह आपकी स्किन को पूरे दिन बचाने के लिए बहुत ज़रूरी है। रात को सोने से पहले अपनी स्किन को साफ करें और फिर नाइट क्रीम का इस्तेमाल करें। इससे स्किन रात में अपने नेचुरल रिपेयर प्रोसेस में ज़्यादा असरदार तरीके से हिस्सा ले पाती है। सही और रेगुलर स्किनकेयर आपकी स्किन को हेल्दी, चमकदार और जवां दिखा सकती है। कुल मिलाकर, एक्सपर्ट्स का कहना है कि नाइट क्रीम और डे क्रीम के कंपोज़िशन और मकसद अलग-अलग होते हैं। नाइट क्रीम स्किन को रिपेयर और रिजुविनेट करने के लिए डिज़ाइन की जाती हैं, जबकि डे क्रीम इसे बचाने के लिए डिज़ाइन की जाती हैं। इसलिए, दिन में नाइट क्रीम का इस्तेमाल न सिर्फ बेअसर होता है, बल्कि कभी-कभी स्किन के लिए नुकसानदायक भी हो सकता है। सही समय पर सही प्रोडक्ट का इस्तेमाल करने से स्किन की हेल्थ लंबे समय तक बनी रह सकती है। इसलिए स्किनकेयर में "टाइम कॉन्शस" होना उतना ही ज़रूरी है जितना प्रोडक्ट चुनना।
 

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