40 की उम्र के बाद महिलाएं ज़्यादा रोमांटिक क्यों हो जाती हैं? सामने आई एक बड़ी वजह

PC: NAVBHARAT TIMES
प्यार की कोई उम्र नहीं होती। किसी इंसान के प्रति प्यार, आकर्षण या इमोशनल नज़दीकी ज़िंदगी के किसी भी पड़ाव पर हो सकती है। खासकर 40 की उम्र के बाद कुछ महिलाओं की ज़िंदगी में इमोशनल और फिजिकल बदलाव होने लगते हैं।
इस दौरान अपनी ज़रूरतों, अपने पार्टनर के साथ समय और रिश्ते में इमोशनल नज़दीकी को ज़्यादा अहमियत दी जा सकती है। YouGov के साथ मिलकर एशले मैडिसन द्वारा किए गए एक सर्वे के मुताबिक, संबंधित रिपोर्ट का दावा है कि 45 प्रतिशत महिलाओं को लगता है कि 40 की उम्र के बाद का समय उनकी ज़िंदगी का सबसे अच्छा समय होता है।
हालांकि, यह नतीजा ज़रूरी नहीं कि सभी महिलाओं पर लागू हो। पेरिमेनोपॉज़, यानी मेनोपॉज़ से पहले का समय, कुछ महिलाओं में चालीस की उम्र के आसपास शुरू हो सकता है। इस दौरान एस्ट्रोजन समेत कई हॉर्मोन के लेवल में उतार-चढ़ाव होता है।
इससे सेक्सुअल इच्छा, मूड और फिजिकल एक्सपीरियंस में बदलाव आ सकते हैं। लेकिन, हर महिला का अनुभव अलग होता है। कुछ महिलाओं को लग सकता है कि इस उम्र में बच्चों की देखभाल की ज़िम्मेदारी कुछ कम हो जाती है, जिससे उन्हें अपने और अपने पार्टनर के लिए ज़्यादा समय मिल पाता है।
इस वजह से, वे एक साथ ज़्यादा समय बिताना, घूमने जाना, ट्रिप प्लान करना और अपने रिश्तों में नज़दीकी बढ़ाना पसंद कर सकती हैं। 40 की उम्र के बाद, कुछ महिलाएं अपनी भावनाओं और ज़रूरतों को ज़्यादा साफ़ तौर पर समझने लगती हैं।
