सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिए किन चीजों का दान करना चाहिए? जानें धार्मिक महत्व और ज्योतिषीय उपाय

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हिंदू धर्म में नौतपा का समय बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। ज्येष्ठ महीने में लगातार नौ दिनों तक सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है और धरती पर सूर्य की किरणों का असर और तेज़ हो जाता है। इस वजह से इस दौरान गर्मी का असर बढ़ जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन दिनों में सूर्य देव की खास पूजा, अर्घ्य और दान करने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और सेहत, सम्मान और खुशहाली आती है। कई ज्योतिषियों के अनुसार, नौतपा के दौरान किया गया दान खास तौर पर शुभ होता है। खास तौर पर पानी, गुड़, खाना, कपड़े और अनाज दान करने से सूर्य के दोष कम होते हैं और पॉजिटिव एनर्जी बढ़ती है। ज्योतिष के अनुसार, सूर्य देव को आत्मविश्वास, लीडरशिप, सेहत और प्रतिष्ठा का प्रतीक माना जाता है। इसलिए नौतपा के दौरान सूर्य की पूजा करने से मानसिक शक्ति बढ़ती है और जीवन में स्थिरता आती है।
इस दौरान पानी का दान बहुत शुभ माना जाता है। गर्मी के दिनों में ज़रूरतमंदों को ठंडा पानी पिलाना, पानी पिलाना शुरू करना या पक्षियों के लिए पानी का इंतज़ाम करना सबसे अच्छा दान माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जल दान से ग्रहों का अशुभ असर कम होता है और मन को शांति मिलती है। इसके अलावा दही के दान का भी खास महत्व है। दही ठंडक का प्रतीक है, इसलिए इसका दान सेहत और सुख बढ़ाने वाला माना जाता है। नौतपा के दौरान गुड़ और गेहूं दान करने को भी खास महत्व दिया जाता है। गुड़ सूर्य देव को प्रिय माना जाता है। इसलिए रविवार को गुड़ दान करना या गाय को गुड़ और गेहूं खिलाना शुभ माना जाता है।
धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से पैसों की दिक्कतें कम होती हैं और घर में सुख-समृद्धि आती है। कुछ ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, तांबा, लाल कपड़े और गेहूं दान करने से सूर्य ग्रह मजबूत होता है और व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ता है। इससे समाज में मान-सम्मान मिलता है और सरकारी कामों में आने वाली रुकावटें भी दूर हो सकती हैं। धार्मिक ग्रंथों में अन्न दान को सबसे अच्छा दान माना गया है। कहा जाता है कि नौतपा के दौरान गरीबों और जरूरतमंदों को अन्न दान करने से मां अन्नपूर्णा का आशीर्वाद मिलता है। इस दौरान सूर्य देव को सत्तू, केला, पंचामृत, बेसन का हलवा और केसर वाली खीर चढ़ाने की परंपरा है। माना जाता है कि इन चीजों को दान करने या चढ़ाने से सेहत अच्छी रहती है और घर में पॉजिटिव माहौल बनता है। नारियल पानी चढ़ाना या दान करना भी शुभ माना जाता है। ज्योतिषियों का कहना है कि इससे ग्रह दोष कम होते हैं और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं। नौतपा के हर दिन सूर्य देव को अलग-अलग चीजें चढ़ाने की भी परंपरा है। कुछ धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पहले दिन दूध, दूसरे दिन शहद, तीसरे दिन दही, चौथे दिन केसर, पांचवें दिन केसर, छठे दिन नारियल पानी, सातवें दिन जौ का पानी, आठवें दिन हल्दी और नौवें दिन गुड़ मिलाकर सूर्य देव को अर्घ्य दिया जाता है। माना जाता है कि इन उपायों से सेहत, सफलता और समृद्धि आती है।
सुबह तांबे के बर्तन में सूर्य को अर्घ्य देना बहुत शुभ माना जाता है। इस दौरान आदित्य हृदय स्तोत्र या सूर्य मंत्र का जाप करने से मेंटल एनर्जी बढ़ती है और नेगेटिविटी दूर होती है। नौतपा सिर्फ गर्मी का समय नहीं है, बल्कि इसे खुद को शुद्ध करने, दान और सूर्य पूजा का पवित्र समय माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय परंपराओं के अनुसार, इन दिनों में किया गया दान कई गुना फलदायी होता है। इसलिए, इस दौरान जरूरतमंदों की मदद करने, पानी बांटने, खाना दान करने और श्रद्धा से सूर्य देव की पूजा करने को खास महत्व दिया जाता है। मान्यताओं के अनुसार, सूर्य देव की कृपा से जीवन में सेहत, आत्मविश्वास, सफलता और सामाजिक रुतबा बढ़ता है। इसलिए, नौतपा 2026 के दौरान कई भक्त दान और सूर्य पूजा के जरिए पॉजिटिव एनर्जी पाने की कोशिश करते नजर आएंगे।
