Tech Tips: क्या ओवरनाइट चार्जिंग से फट जाती है बैटरी, जानें फोन से 5 मिथक और उनकी सच्चाई

PC: AMAR UJALA
स्मार्टफोन हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का सबसे अहम हिस्सा बन चुके हैं, लेकिन बैटरी लाइफ को लेकर आज भी लोगों के मन में कई भ्रम (Myths) और गलतफहमियां बनी हुई हैं। अक्सर हम दोस्तों या सोशल मीडिया पर सुनी-सुनाई बातों को सच मानकर फोन को गलत तरीके से चार्ज करने लगते हैं, जिससे बैटरी की लाइफ कम हो जाती है।
अगर आप भी अपने स्मार्टफोन की बैटरी हेल्थ को लंबे समय तक बेहतर रखना चाहते हैं, तो इन 5 सबसे आम गलतफहमियों का सच जरूर जान लें।
1. गलतफहमी: रात भर फोन चार्जिंग पर लगाने से बैटरी ब्लास्ट हो जाएगी या खराब हो जाएगी
सच: पुराने मोबाइल फोन्स के ज़माने में यह बात सच हो सकती थी, लेकिन आज के सभी स्मार्टफोन्स में 'स्मार्ट चार्जिंग चिपसेट' और कट-ऑफ टेक्नोलॉजी होती है। जैसे ही आपके फोन की बैटरी 100% चार्ज हो जाती है, फोन अपने आप पावर सप्लाई बंद कर देता है। हालांकि, फोन को तकिए के नीचे दबाकर रात भर चार्ज करने से ओवरहीटिंग (अधिक गर्म होने) का खतरा जरूर रहता है।
2. गलतफहमी: हमेशा बैटरी को 0% तक खत्म करके ही 100% फुल चार्ज करना चाहिए
सच: आधुनिक स्मार्टफोन्स में लिथियम-आयन (Lithium-ion) या लिथियम-पॉलिमर बैटरियां इस्तेमाल होती हैं। बैटरी को पूरी तरह 0% तक डिस्चार्ज करना और फिर 100% तक चार्ज करना उस पर अतिरिक्त दबाव डालता है। बैटरी एक्सपर्ट्स के मुताबिक, फोन की बैटरी को 20% से 80% के बीच बनाए रखना उसकी सेहत के लिए सबसे बेस्ट माना जाता है।
3. गलतफहमी: किसी दूसरे ब्रांड का चार्जर इस्तेमाल करने से बैटरी खराब हो जाती है
सच: जब तक आप किसी प्रामाणिक और ब्रांडेड (Original/Certified) चार्जर का इस्तेमाल कर रहे हैं, तब तक किसी भी ब्रांड के चार्जर का इस्तेमाल करना सुरक्षित है। फोन केवल उतना ही करंट खींचता है जितना उसका प्रोसेसर सपोर्ट करता है। हालांकि, सड़क किनारे मिलने वाले सस्ते और डुप्लिकेट (Local) चार्जर का इस्तेमाल करने से फोन और बैटरी दोनों को नुकसान पहुंच सकता है।
4. गलतफहमी: फोन का इस्तेमाल करते समय चार्ज करने से बैटरी खराब होती है
सच: चार्जिंग के दौरान फोन का सामान्य इस्तेमाल (जैसे मैसेज पढ़ना या समय देखना) करने से कोई नुकसान नहीं होता। हालांकि, चार्जिंग के दौरान भारी गेमिंग (Heavy Gaming) करने या 4K वीडियो रिकॉर्ड करने से फोन तेजी से गर्म हो सकता है, जिससे बैटरी ड्रेन रेट और हीटिंग बढ़ जाती है।
5. गलतफहमी: बैकग्राउंड ऐप्स बंद करने से बैटरी ज्यादा बचती है
सच: बार-बार हाल ही में खोले गए ऐप्स (Recent Apps) को स्वाइप करके बंद करना वास्तव में बैटरी को ज्यादा खर्च करता है। जब आप किसी ऐप को दोबारा खोलते हैं, तो प्रोसेसर को उसे पूरी तरह से रीलोड करने में ज्यादा एनर्जी लगानी पड़ती है। एंड्रॉइड और आईओएस रैम (RAM) और बैकग्राउंड ऐप्स को मैनेज करने के लिए खुद ही काफी सक्षम हैं।
