Smart Ration Card : पेपर राशन कार्ड का इतिहास खत्म! महाराष्ट्र में आएगा स्मार्ट राशन कार्ड , जानें कब मिलेगा?

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राज्य सरकार ने राशन सिस्टम को ठीक से चलाने के लिए एक अहम फैसला लिया है। इसमें कागज़ के राशन कार्ड की जगह QR कोड वाले स्मार्ट राशन कार्ड आएंगे। राज्य में राशन बांटने के सिस्टम को और ज़्यादा ट्रांसपेरेंट और टेक्नोलॉजी-बेस्ड बनाने के लिए यह अहम फैसला लिया गया है। इसके लिए ज़रूरी रिवाइज़्ड एडमिनिस्ट्रेटिव मंज़ूरी भी दे दी गई है। असल में इसका प्रोसेस क्या होगा? आइए जानते हैं इसे कब लागू किया जाएगा।

पूरे राज्य में अलग-अलग फेज़ में लागू किया जाएगा
नया सिस्टम पूरे राज्य में अलग-अलग फेज़ में लागू किया जाएगा। उम्मीद है कि इस फैसले से राशन बांटने का प्रोसेस तेज़, सुरक्षित और ज़्यादा सही होगा। सरकार के फैसले के मुताबिक, अब जो भी लोग राशन कार्ड के लिए अप्लाई करेंगे, उन्हें सीधे स्मार्ट राशन कार्ड दिया जाएगा। अभी जो कागज़ के राशन कार्ड इस्तेमाल हो रहे हैं, उन्हें भी धीरे-धीरे स्मार्ट कार्ड में बदला जाएगा। इस प्रोसेस से राज्य के लाखों राशन कार्ड होल्डर्स को यह बदलाव मिलेगा।

नए राशन कार्ड में क्या है खास?
नए डिजिटल सिस्टम पर चलने वाले राशन कार्ड में खास बात QR कोड है। नए स्मार्ट राशन कार्ड पर हर बेनिफिशियरी के लिए अलग QR कोड दिया जाएगा। राशन की दुकान पर जाते ही अगर आप इस कोड को स्कैन करेंगे तो कुछ ही पलों में बेनिफिशियरी की पूरी जानकारी मिल जाएगी। इससे आइडेंटिटी वेरिफिकेशन और इंस्पेक्शन आसान और ज़्यादा सही हो जाएगा। साथ ही, हर ट्रांज़ैक्शन अब डिजिटल फॉर्म में रिकॉर्ड होगा। इससे डिस्ट्रीब्यूशन प्रोसेस में ट्रांसपेरेंसी बढ़ेगी। इसके साथ ही, एक और बड़ा फ़ायदा यह है कि QR कोड की वजह से आप जब चाहें अपने मोबाइल से राशन कार्ड से जुड़ी जानकारी ले सकते हैं। इसलिए, अपना डेटा चेक करना, डिस्ट्रीब्यूशन के बारे में सारी डिटेल्स जानना और अगर कोई दिक्कत हो तो उसकी शिकायत करना भी आसान है।

यह कार्ड कैसा होगा?

पहले राशन कार्ड कागज़ की किताब के रूप में होता था। अब डिजिटल इंडिया के ज़माने में स्मार्ट राशन कार्ड प्लास्टिक का बना होगा। इसलिए, यह कागज़ के कार्ड के मुकाबले ज़्यादा टिकाऊ होगा। कागज़ के फटने, गीला होने या खराब होने जैसी दिक्कतें काफी हद तक कम हो जाएंगी। इसके अलावा, डिजिटल वेरिफिकेशन से राशन डिस्ट्रीब्यूशन में लगने वाला समय भी कम होने की संभावना है।

इन सभी नए सिस्टम से सभी नकली राशन कार्ड की पहचान करना आसान हो जाएगा। उम्मीद है कि डिजिटल वेरिफिकेशन और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के ज़रिए सिर्फ़ एलिजिबल बेनिफिशियरी को ही सरकारी स्कीम का फ़ायदा मिलेगा।

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