Screen Sharing Fraud Alert: वीडियो कॉल पर स्क्रीन शेयर करते ही साफ हो सकता है बैंक अकाउंट, जानें इससे बचने के आसान तरीके

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ऑनलाइन बैंकिंग और डिजिटल पेमेंट आसान होने के साथ-साथ कई बार साइबर अपराधियों के लिए आसान जरिया भी बन जाता है। इन दिनों ठग लोगों को फोन करके बैंक अकाउंट ब्लॉक होने, केवाईसी (KYC) अपडेट करने या कोई कैशबैक जीतने का झांसा देते हैं। इसके बाद वे फोन में AnyDesk, TeamViewer या QuickSupport जैसे थर्ड-पार्टी स्क्रीन शेयरिंग ऐप्स डाउनलोड करवा लेते हैं।
कैसे काम करता है स्क्रीन शेयरिंग स्कैम?
फर्जी कॉल या मैसेज: ठग खुद को बैंक का मैनेजर या कस्टमर केयर अधिकारी बताकर कॉल करते हैं और डर पैदा करते हैं कि आपका अकाउंट बंद होने वाला है।
ऐप डाउनलोड करवाना: वे आपको गूगल प्ले स्टोर या किसी फर्जी लिंक से स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड करने को कहते हैं।
कोड या पिन चुराना: जैसे ही आप ऐप परमिशन देकर अपनी स्क्रीन शेयर करते हैं, ठगों को आपके फोन की हर गतिविधि दिखने लगती है। आप जैसे ही यूपीआई (UPI) पिन या नेट बैंकिंग पासवर्ड दर्ज करते हैं, वे उसे नोट कर लेते हैं और आपके खाते से पैसे ट्रांसफर कर लेते हैं।
बचाव के लिए 5 जरूरी सुरक्षा टिप्स
कभी शेयर न करें स्क्रीन: बैंक, इनकम टैक्स विभाग या कोई भी आधिकारिक संस्था कभी भी फोन कॉल पर आपकी स्क्रीन शेयर करने या ओटीपी (OTP) बताने के लिए नहीं कहती। किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी स्क्रीन शेयर न करें।
थर्ड-पार्टी ऐप्स से सावधान: अपने फोन में कभी भी किसी के कहने पर AnyDesk, TeamViewer, Zoom या अन्य कोई अनजाना रिमोट एक्सेस ऐप डाउनलोड न करें।
ओटीपी और पिन गुप्त रखें: अपना यूपीआई पिन, एटीएम कार्ड का पिन, सीवीवी (CVV) या ओटीपी किसी के साथ भी शेयर न करें।
तुरंत इंटरनेट बंद करें: यदि कभी आपको शक हो कि आपने गलती से कोई फर्जी ऐप डाउनलोड कर लिया है, तो तुरंत अपने फोन का इंटरनेट (Wi-Fi और Mobile Data) बंद कर दें और उस ऐप को डिलीट कर दें।
साइबर हेल्पलाइन पर करें शिकायत: यदि आप इस तरह के किसी फ्रॉड का शिकार हो जाते हैं, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें या 1930 नंबर पर कॉल करें।
