Public Wi-Fi Alert: रेलवे स्टेशन या होटल का फ्री वाई-फाई इस्तेमाल करने से पहले सावधान! हैक हो सकता है फोन और बैंकिंग ऐप्स

PC: Amar ujala
आजकल हर कोई फ्री इंटरनेट सेवा का लाभ उठाना चाहता है। सार्वजनिक स्थानों पर उपलब्ध वाई-फाई नेटवर्क से कनेक्ट होना बहुत आसान होता है, लेकिन यही लापरवाही साइबर अपराधियों के लिए आपके फोन में सेंध लगाने का आसान रास्ता बन जाती है। अनसिक्योर्ड वाई-फाई नेटवर्क के जरिए 'मैन-इन-द-मिडिल' (Man-in-the-Middle) अटैक का खतरा सबसे ज्यादा रहता है।
फ्री वाई-फाई के जरिए कैसे होती है हैकिंग?
नकली वाई-फाई नेटवर्क: हैकर्स असली जैसे दिखने वाले नाम से अपना खुद का फर्जी वाई-फाई नेटवर्क बना लेते हैं (जैसे- 'Free_Airport_WiFi')। जैसे ही आप इससे कनेक्ट होते हैं, आपका सारा डेटा उनके सर्वर से होकर गुजरता है।
डेटा चोरी: ओपन नेटवर्क में एन्क्रिप्शन नहीं होता। इसका फायदा उठाकर साइबर ठग आपके द्वारा टाइप किए गए पासवर्ड, सोशल मीडिया चैट और क्रेडिट/डेबिट कार्ड डिटेल्स को आसानी से ट्रैक कर लेते हैं।
मालवेयर का खतरा: कुछ फर्जी वाई-फाई नेटवर्क से कनेक्ट होते ही आपके फोन में ऑटोमैटिकली मालवेयर या स्पाइवेयर डाउनलोड हो जाता है।
पब्लिक वाई-फाई सुरक्षित इस्तेमाल करने के 5 टिप्स
बैंकिंग और यूपीआई ऐप्स न खोलें: सार्वजनिक वाई-फाई से कनेक्ट रहते हुए कभी भी नेट बैंकिंग, यूपीआई या कोई भी वित्तीय ट्रांजैक्शन न करें। इसके लिए केवल अपने मोबाइल डेटा का ही इस्तेमाल करें।
VPN (Virtual Private Network) का इस्तेमाल करें: यदि आपको मजबूरी में फ्री वाई-फाई इस्तेमाल करना पड़े, तो फोन में एक भरोसेमंद VPN ऐप ऑन कर लें। वीपीएन आपके इंटरनेट डेटा को एन्क्रिप्ट कर देता है, जिससे हैकर्स उसे पढ़ नहीं पाते।
'Auto-Connect' ऑप्शन बंद रखें: अपने स्मार्टफोन की वाई-फाई सेटिंग्स में जाकर 'Auto-Connect to Open Networks' के ऑप्शन को हमेशा बंद रखें ताकि आपका फोन बिना आपकी इजाजत किसी भी अनजान नेटवर्क से न जुड़े।
HTTPS वेबसाइट्स ही खोलें: ब्राउजर में केवल उन्हीं वेबसाइट्स को खोलें जिनके एड्रेस के आगे https:// लगा हो और पैडलॉक (ताले का निशान) दिखे। बिना 'S' वाली (http://) वेबसाइट्स पर कोई भी व्यक्तिगत जानकारी दर्ज न करें।
काम खत्म होते ही वाई-फाई ऑफ करें: वाई-फाई का काम खत्म होते ही तुरंत अपने फोन का वाई-फाई और ब्लूटूथ ऑफ कर दें।
