PF Rules 2026 : PF के नियम बदले! 15 अक्टूबर से CTC और टेक-होम सैलरी में बड़े बदलाव, देखें आपको फायदा होगा या नुकसान?

PC: NDTV INDIA
EPFO की नई वेज सीलिंग से अक्टूबर 2026 से कुछ सैलरी पाने वाले कर्मचारियों की सैलरी स्लिप में बदलाव हो सकता है। क्योंकि नए नियमों के तहत 25,000 की वेज सीलिंग लागू होगी, इसलिए जिनका बेसिक और DA 15,000 से ज़्यादा है और अब तक 15,000 की लिमिट पर PF कट रहा था, उनकी टेक-होम सैलरी पर असर पड़ सकता है।
अगर ₹20,000 बेसिक है तो कितना फ़र्क पड़ेगा?
मान लीजिए किसी कर्मचारी का बेसिक + DA 20,000 है। अभी 15,000 की वेज सीलिंग के हिसाब से कर्मचारी की सैलरी से PF 1,800 कटता है। तो, 25,000 की नई लिमिट के हिसाब से यह रकम कंट्रीब्यूशन की वजह से 2,400 हो सकती है। यानी, टेक-होम सैलरी में हर महीने 600 रुपये कम हो जाएंगे। हालांकि, यह पैसा डूबेगा नहीं। ज़्यादा रकम कर्मचारी के PF अकाउंट में जमा हो जाएगी। इसलिए, हाथ में मिलने वाली सैलरी कम होने पर भी भविष्य की बचत बढ़ सकती है।
अगर PF सैलरी 25,000 रुपये है तो क्या होगा?
अगर PF सैलरी 25,000 रुपये है, तो कर्मचारी का PF हिस्सा 3,000 रुपये हो सकता है। इसका मतलब है कि पुरानी लिमिट 15,000 रुपये के मुकाबले हर महीने PA में 1,200 रुपये ज़्यादा जमा होंगे।
CTC पर क्या असर पड़ेगा?
ज़रूरी बात यह है कि CTC, PF तय करने का सीधा कानूनी आधार नहीं है। कंट्रीब्यूशन लागू PF सैलरी और उससे जुड़े नियमों के हिसाब से तय होते हैं। इसलिए, कंपनी अपने हिस्से का कानूनी PF कंट्रीब्यूशन सीधे कर्मचारी की सैलरी से नहीं वसूल सकती। हालांकि, कंपनी के कुल सैलरी खर्च के आधार पर CTC स्ट्रक्चर बदल सकता है।
किसे ज़्यादा ध्यान देने की ज़रूरत है?
जिनका बेसिक + DA 15,000 रुपये से ज़्यादा है, उन्हें अक्टूबर की सैलरी स्लिप देख लेनी चाहिए। HR को PF सैलरी, एम्प्लॉई कंट्रीब्यूशन, कंपनी कंट्रीब्यूशन और CTC में बदलाव को समझना चाहिए। पुरानी सैलरी स्लिप की तुलना पुरानी सैलरी स्लिप से करना ज़रूरी है ताकि पता चल सके कि नई कटौती के कारण टेक-होम सैलरी कम हुई है या नहीं।
