One Nation One Helpline: न 100, न 101; अब इमरजेंसी में सिर्फ़ यही नंबर करें डायल, हाई कोर्ट का आदेश

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सरकार हर नागरिक की सुरक्षा के लिए हमेशा तैयार रहती है। आप किसी भी इमरजेंसी में मदद मांग सकते हैं। इसके लिए आपको कुछ नंबर याद रखने होंगे। अब सुप्रीम कोर्ट ने इसमें एक ज़रूरी बदलाव किया है। इमरजेंसी में सिर्फ़ एक नंबर पर कॉल करने का फ़ैसला किया है।
पहले इमरजेंसी में आपको 100 या 101 पर कॉल करना पड़ता था। लेकिन अब एम्बुलेंस और इमरजेंसी मदद के लिए आपको सिर्फ़ एक नंबर '112' पर कॉल करना होगा। इससे नागरिकों को समय पर इलाज मिल सकेगा। यह उनके जीवन के अधिकार का एक ज़रूरी हिस्सा है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों को एक ज़रूरी आदेश दिया है।
इस मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस जे. के. माहेश्वरी और जस्टिस ए. एस. चंदुरकर की बेंच ने कहा कि संविधान के आर्टिकल 21 के तहत जीवन के अधिकार को और असरदार बनाने के लिए इमरजेंसी मेडिकल सिस्टम को बेहतर बनाने की ज़रूरत है।
कोर्ट ने साफ़ किया कि एक्सीडेंट या गंभीर चोट लगने पर व्यक्ति को तुरंत इलाज मिलना चाहिए। कोर्ट ने कहा है कि पूरे देश में एक जैसा ट्रॉमा ट्रीटमेंट प्लान तैयार करना, फर्स्ट एड ट्रेनिंग को स्टैंडर्ड बनाना और लोगों में जागरूकता बढ़ाना ज़रूरी है। सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से अपील की है कि वे तीन महीने के अंदर अपने सभी इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबरों को ‘112’ से जोड़ दें। अभी इस्तेमाल हो रहे नंबर 100, 101, 102, 108, 1033, और 1091 अब एक ही इमरजेंसी नंबर ‘112’ में शामिल होंगे। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया है कि इस हेल्पलाइन को मीडिया के ज़रिए प्रमोट किया जाए।
