23 से ज़्यादा देशों में फैला 70+ म्यूटेशन वाला नया कोविड वैरिएंट 'Cicada', जानें क्या है इसके लक्षण

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pc: dnaindia

सालों बाद जब दुनिया कोरोनावायरस को भूल गई है और पिछले कुछ सालों में इसका असर दुनिया भर में बहुत कम देखा गया था, तब ऐसा लगता है कि Covid-19 वापस आ गया है और इस बार एक नए Covid-19 सबवेरिएंट BA.3.2 के साथ, जिसे आमतौर पर ‘Cicada’ के नाम से जाना जाता है। यह नया वेरिएंट अमेरिका समेत कई देशों में पाया गया है और अब यह इंटरनेशनल लेवल पर फैल रहा है।

बिजनेस स्टैंडर्ड के मुताबिक, Covid-19 वायरस का नया वेरिएंट कम से कम 23 देशों में फैल चुका है। हालांकि, भारत में अभी तक इसके लक्षण नहीं दिखे हैं, लेकिन देश में अभी तक नए कोविड वेरिएंट से वायरस फैलने का कोई नया मामला नहीं देखा गया है। भारत में कोरोनावायरस की किसी भी खबर के बावजूद, हेल्थ अथॉरिटीज़ स्थिति पर ध्यान से नज़र रख रही हैं।

एक्सपर्ट्स का यह भी मानना ​​है कि भारत में अभी चिंता की कोई बात नहीं है।

BA.3.2 ‘Cicada’: नया COVID वेरिएंट क्या है?

BA. 3.2 वेरिएंट SARS-CoV-2 वायरस के ओमिक्रॉन परिवार से है। इसे “Cicada” निकनेम दिया गया है। यह नाम इसके अजीब पैटर्न की वजह से दिया गया है, जो कम दिखने के कुछ समय बाद फिर से उभर आता है, जैसे कीड़े का लाइफसाइकल। हेल्थ एक्सपर्ट्स ने अभी तक इसे “variant under monitoring” में बांटा है, जिसका मतलब है कि हेल्थ अथॉरिटीज़ स्थिति पर करीब से नज़र रख रही हैं, लेकिन इस स्टेज पर इसे कोई बड़ा खतरा नहीं माना जा रहा है।

BA.3.2 CicadaCOVID वेरिएंट के लक्षण
सिकाडा COVID के लक्षण ज़्यादातर इसके वायरस परिवार, ओमिक्रॉन स्ट्रेन जैसे ही होते हैं। ज़्यादातर रिपोर्ट किए गए मामलों में ये शामिल हैं:

-गले में खराश -लगातार खांसी -बुखार और ठंड लगना -थकान -नाक बहना या बंद होना -सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द ज़्यादातर लोगों में, खासकर जिन्हें वैक्सीन लगी है, लक्षण हल्के से लेकर मीडियम तक रहते हैं।

Cicada कितना खतरनाक है?

द इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, नए वेरिएंट में कथित तौर पर 70-75 म्यूटेशन भी हैं, जिनमें से ज़्यादातर स्पाइक प्रोटीन में हैं, जो वायरस का वह हिस्सा है जो इसे इंसानी सेल्स पर हमला करने देता है। इससे यह न सिर्फ़ ज़्यादा आसानी से फैल सकता है, बल्कि इम्यून सिस्टम को भी थोड़ा बायपास कर सकता है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि वायरस में म्यूटेशन ज़रूरी नहीं कि इसे ज़्यादा खतरनाक बना दे।

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