मोदी सरकार का तोहफ़ा! 5 प्रतिशत ब्याज पर 3 लाख रुपये का लोन; क्या है सरकार का प्लान, कौन उठा सकता है फ़ायदा?

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pc: money9live

यदि आपका कोई छोटा व्यवसाय है, आप एक पारंपरिक कारीगर हैं या हस्तशिल्प (Handicraft) का काम करते हैं, तो केंद्र सरकार की 'प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना' आपके बिज़नेस को बढ़ाने में बेहद मददगार साबित हो सकती है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के पारंपरिक कारीगरों को वित्तीय सहायता और आधुनिक प्रशिक्षण देकर उनकी आय बढ़ाना है।

कौन ले सकता है योजना का लाभ? (पात्रता)
आयु सीमा: आवेदन के समय उम्मीदवार की उम्र कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए।

पारंपरिक कामगार: हाथ और औजारों से काम करने वाले स्व-रोजगार (Self-employed) कारीगर इसके पात्र हैं।

पूर्व लोन की शर्त: आवेदक ने पिछले 5 वर्षों में केंद्र या राज्य सरकार की किसी समान क्रेडिट योजना का लाभ न लिया हो। हालांकि, यदि आपने पीएम मुद्रा (MUDRA) या पीएम स्वनिधि (SVANidhi) का लोन पूरी तरह चुका दिया है, तो आप भी पात्र होंगे।

एक परिवार-एक लाभ: इस योजना का लाभ परिवार के केवल एक ही सदस्य (पति, पत्नी और अविवाहित बच्चे) को मिलेगा। सरकारी कर्मचारी व उनके परिजन इसके पात्र नहीं हैं।

दो किस्तों में मिलेगा 3 लाख रुपये का लोन
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि लोन के लिए किसी भी तरह की गारंटी (Collateral) की आवश्यकता नहीं होती। इसमें मात्र 5% की रियायती ब्याज दर पर 3 लाख रुपये तक का लोन दो किस्तों में दिया जाता है:

पहली किस्त (1 लाख रुपये): इसके लिए कारीगरों को स्किल वेरिफिकेशन और 5 दिनों की 'बेसिक स्किल ट्रेनिंग' पूरी करनी होगी। इसके बाद उन्हें डिजिटल आईडी, PM विश्वकर्मा सर्टिफिकेट और आइडेंटिटी कार्ड जारी किया जाता है। इस लोन की चुकाने की अवधि 18 महीने होगी।

दूसरी किस्त (2 लाख रुपये): पहली किस्त का सफल भुगतान करने के बाद, दूसरे चरण में 30 महीने की अवधि के लिए 2 लाख रुपये का अतिरिक्त लोन लिया जा सकता है।

आवेदन कैसे करें?
कारीगर अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। रजिस्ट्रेशन के दौरान बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन (आधार वेरिफिकेशन) अनिवार्य किया गया है। आवेदनों की प्राथमिक जांच के बाद सरकारी एजेंसियां SIDBI पोर्टल के जरिए बैंकों को लोन के लिए सिफारिश भेजती हैं।

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