iPhone Update: क्या Apple के नए अपडेट में वायरस है? आखिर क्यों स्लो हो रहा है iPhone? असली वजह आई सामने

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pc:Macworld

हाल ही में सोशल मीडिया पर एक खबर आई जिसे जानकर iPhone यूजर्स हैरान रह गए। कई यूज़र्स ने शिकायत की है कि नया iOS अपडेट इंस्टॉल करने के बाद उनके फ़ोन बहुत स्लो हो गए हैं। यहाँ तक कि कुछ यूजर्स ने दावा किया कि Apple जानबूझकर पुराने फ़ोन को ‘मैलवेयर’ या ‘वायरस’ वाले अपडेट भेजकर डिसेबल करने की कोशिश कर रहा है। Apple के एक पुराने कर्मचारी ने भी इस बारे में एक X पोस्ट करके सनसनीखेज बयान दिया है। लेकिन आखिर पूरा मामला क्या है? आइए जानते हैं। 

Apple के एक पुराने कर्मचारी ने आरोप लगाया है कि जानबूझकर iPhones को स्लो करने के लिए उनमें मैलवेयर प्लांट करती है; और इस तरह यूज़र्स को नए डिवाइस खरीदने के लिए मजबूर करती है।  Apple के खिलाफ इस आरोप से दुनिया भर के लाखों iPhone यूज़र्स पर असर पड़ सकता है। पुराने कर्मचारी का दावा है कि कंपनी ‘सॉफ्टवेयर अपडेट’ की आड़ में iPhones में मैलवेयर इंजेक्ट करती है, जो समय के साथ इन डिवाइस की परफॉर्मेंस को खराब कर देता है।

एक्स एम्प्लोयी ने लगा दिए आरोप 

एप्पल के एक पूर्व सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर दावा किया है कि जब भी एप्पल नया आईफोन लॉन्च करता है, तो वह पुराने डिवाइस के लिए सॉफ्टवेयर अपडेट जारी करता है। इन अपडेट के साथ ‘मैलवेयर’ भी होता है ताकि पुराने फोन धीमे हो जाएं। नतीजतन, आईफोन के धीमे होने के कारण यूजर्स को अपग्रेड करने के लिए मजबूर होना पड़ता है।

पहले भी लग चुके हैं ऐसे आरोप
एप्पल के खिलाफ पहले भी ऐसे ही दावे किए जा चुके हैं। जनवरी 2017 में कंपनी ने अपना नया ऑपरेटिंग सिस्टम iOS 10.2.1 पेश किया था। इस अपडेट के बाद कई आईफोन 6 यूजर्स ने दावा किया था कि उन्हें अपने फोन की बैटरी में वोल्टेज के उतार-चढ़ाव से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ा। गौरतलब है कि कंपनी ने अपडेट जारी होने से ठीक तीन महीने पहले आईफोन 7 लॉन्च किया था।

उस समय कई आईफोन 6 यूजर्स ने दावा किया था कि बैटरी का लेवल लगभग 30% तक गिरने पर उनके फोन अपने आप बंद हो जाते थे। लेकिन बाद में कंपनी ने नया अपडेट जारी करके इस समस्या को ठीक कर दिया। इस दौरान कई यूजर्स ने कंपनी के खिलाफ केस भी किया; उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी ने जानबूझकर बैटरी की परफॉर्मेंस खराब की और थ्रॉटलिंग के ज़रिए डिवाइस को धीमा कर दिया। इसके बाद Apple ने कई यूज़र्स के डिवाइस के लिए फ्री बैटरी रिप्लेसमेंट की पेशकश की।

Apple ने अभी तक एक पुराने सॉफ्टवेयर इंजीनियर के आरोपों का जवाब नहीं दिया है। लेकिन यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। कई iPhone यूज़र्स को लगता है कि उनके साथ धोखा हुआ है। अब सवाल उठता है: क्या कंपनियों को ऐसा करने की इजाज़त है?

अपडेट के दौरान फ़ोन धीमे क्यों हो जाते हैं?

अब तक रिलीज़ हुए सभी iPhones में लिथियम-आयन बैटरी का इस्तेमाल होता है। यह बैटरी आमतौर पर लगभग तीन साल तक चलती है, जिसका मतलब है कि यह फ़ोन को पूरी क्षमता से पावर दे सकती है। तीन साल बाद, बैटरी की क्षमता आमतौर पर 80% तक गिर जाती है। हालांकि इससे रोज़ाना इस्तेमाल में कोई समस्या नहीं हो सकती है, लेकिन जब कोई नया सॉफ्टवेयर अपडेट इंस्टॉल होता है, तो बैटरी को अचानक ज़्यादा पावर की ज़रूरत होती है।

बैटरी ज़रूरी पावर नहीं बना पाती है, जिससे फ़ोन बंद हो जाता है, जैसा कि iPhone 6 के साथ हुआ था। इस वजह से, यूज़र्स को सलाह दी जाती है कि अपडेट करते समय अपने फ़ोन को चार्जर से कनेक्ट रखें। इसके अलावा, ‘सिस्टम ऑन चिप’ पर बढ़ा हुआ स्ट्रेस फोन की ओवरऑल परफॉर्मेंस पर बुरा असर डालता है, जिससे डिवाइस हैंग हो जाता है या रिस्पॉन्ड करना बंद कर देता है।

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