अगर आपका पेट हमेशा खराब रहता है, तो अब टेंशन न लें! यह डाइट अपनाएं, रहें हेल्दी

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आजकल की भागदौड़ भरी लाइफस्टाइल में पाचन से जुड़ी समस्याएं बढ़ रही हैं। गैस, अपच, एसिडिटी, कब्ज, सीने में जलन जैसी शिकायतें अब सिर्फ बुजुर्गों तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि युवाओं में भी आम हो गई हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, अनियमित डाइट, गलत खान-पान और असंतुलित लाइफस्टाइल इसके मुख्य कारण हैं। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर कुछ सही आदतें अपनाई जाएं तो पाचन से जुड़ी कई शिकायतों से बचा जा सकता है। इस बारे में मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के सीनियर डायरेक्टर (गैस्ट्रोएंटरोलॉजी) डॉ. शुभाशीष मजूमदार ने जरूरी सलाह दी है।
डॉ. मजूमदार के मुताबिक, पाचन तंत्र सिर्फ खाना पचाने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध शरीर के इम्यून सिस्टम, एनर्जी लेवल और मेंटल हेल्थ से भी है। लगातार जंक फूड, मसालेदार, तीखा या तला हुआ खाना खाने से आंतों के काम करने के तरीके पर असर पड़ता है। नतीजतन, शरीर में सूजन बढ़ जाती है और पाचन से जुड़ी कई तरह की बीमारियां धीरे-धीरे हो सकती हैं।
अच्छे पाचन के लिए संतुलित डाइट जरूरी है। डॉक्टर्स का कहना है कि रोजाना की डाइट में फाइबर, प्रोटीन और अच्छे फैट की सही मात्रा होनी चाहिए। साबुत अनाज, फल, हरी पत्तेदार सब्जियां, सीरियल और दही जैसे प्रोबायोटिक फूड आंतों के लिए फायदेमंद होते हैं। फाइबर कब्ज से बचाता है और आंतों की सफाई बनाए रखने में मदद करता है। दूसरी ओर, बहुत ज़्यादा प्रोसेस्ड फूड, फास्ट फूड और मीठे ड्रिंक्स पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचा सकते हैं। आप कैसे और कब खाते हैं, यह उतना ही ज़रूरी है जितना कि आप क्या खाते हैं। जल्दबाजी में खाना, देर रात भारी खाना खाना या लंबे समय तक भूखे रहना पाचन पर बुरा असर डाल सकता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि खाना ठीक से चबाना, शांत मन से और एक खास समय पर खाना पाचन में मदद करता है।
लाइफस्टाइल में छोटे-छोटे बदलाव भी पाचन स्वास्थ्य पर बड़ा पॉजिटिव असर डाल सकते हैं। रेगुलर वॉकिंग, योग या हल्की एक्सरसाइज आंतों को ठीक से काम करने में मदद करती है। साथ ही, पाचन संबंधी बीमारियों को रोकने के लिए पूरी नींद और स्ट्रेस मैनेजमेंट ज़रूरी फैक्टर हैं। लंबे समय तक स्ट्रेस रहने से एसिडिटी, गैस और इरिटेबल बाउल सिंड्रोम जैसी समस्याएं हो सकती हैं। पानी पीना भी उतना ही ज़रूरी है। काफी पानी पीने से पाचन तंत्र एक्टिव रहता है और कब्ज से बचाव होता है। इसके साथ ही, डॉक्टर सलाह देते हैं कि स्मोकिंग और ज़्यादा शराब पीना पाचन तंत्र के लिए नुकसानदायक है, इसलिए इन आदतों से दूर रहना ज़रूरी है। कुल मिलाकर, सही डाइट, डिसिप्लिन्ड लाइफस्टाइल और पॉजिटिव आदतें अपनाकर डाइजेशन से जुड़ी कई समस्याओं से आसानी से बचा जा सकता है। यह याद रखना ज़रूरी है कि अगर डाइजेस्टिव सिस्टम हेल्दी रहता है, तो पूरा शरीर हेल्दी रहता है।
