EPFO में यह काम अधूरा छोड़ा तो बढ़ सकती है परेशानी, e-Nomination के बाद e-Sign करना भी जरूरी

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कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO के सदस्यों के लिए e-Nomination बेहद महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। कई कर्मचारी अपने UAN पोर्टल पर नॉमिनी की जानकारी दर्ज करने के बाद यह मान लेते हैं कि उनका काम पूरा हो चुका है। हालांकि, केवल परिवार के सदस्य या नॉमिनी का विवरण सेव करना पर्याप्त नहीं है। प्रक्रिया को वैध रूप से पूरा करने के लिए आधार आधारित e-Sign करना भी जरूरी होता है।

अगर e-Nomination का फॉर्म भरने के बाद e-Sign नहीं किया गया है, तो पोर्टल पर दर्ज जानकारी अधूरी रह सकती है। इसका असर विशेष रूप से उस स्थिति में सामने आ सकता है, जब खाताधारक के परिवार या नॉमिनी को भविष्य निधि, पेंशन या बीमा से जुड़े लाभों के लिए दावा करना पड़े। EPFO के आधिकारिक FAQ के अनुसार सदस्य को e-Nomination दाखिल करने के लिए Aadhaar आधारित e-Sign का इस्तेमाल करना होता है। 

e-Nomination क्यों है जरूरी?

e-Nomination के जरिए EPF सदस्य यह तय करता है कि उसकी मृत्यु की स्थिति में भविष्य निधि खाते में जमा रकम, कर्मचारी पेंशन योजना और कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा योजना से जुड़े लाभ किस व्यक्ति को दिए जाएंगे।

नॉमिनी की जानकारी पहले से सही तरीके से दर्ज होने पर परिवार को क्लेम सेटलमेंट के दौरान कम दस्तावेजी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इससे पात्र लाभार्थी की पहचान और उसके हिस्से से संबंधित जानकारी EPFO रिकॉर्ड में उपलब्ध रहती है।

EPFO के सदस्य पोर्टल पर यह भी स्पष्ट किया गया है कि सदस्यों द्वारा नॉमिनेशन दाखिल करना संबंधित योजना के नियमों के तहत आवश्यक है और इसे नौकरी की अवधि के दौरान ऑनलाइन अपडेट किया जा सकता है। 

सबसे बड़ी गलती: जानकारी सेव की, लेकिन e-Sign नहीं किया

कई सदस्य अपने परिवार के सदस्यों का नाम, जन्मतिथि, आधार नंबर, फोटो और हिस्सेदारी दर्ज करके विवरण सेव कर देते हैं। इसके बाद वे पोर्टल से लॉगआउट हो जाते हैं और समझते हैं कि e-Nomination सफलतापूर्वक पूरा हो गया है।

वास्तव में प्रक्रिया का अंतिम और अहम चरण e-Sign है। इसे पूरा किए बिना नॉमिनेशन प्रमाणित नहीं माना जा सकता। आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर आने वाले OTP के जरिए e-Sign करना होता है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित नॉमिनेशन रिकॉर्ड तैयार होता है। EPFO की आधिकारिक प्रक्रिया में भी OTP जनरेट करके e-Sign पूरा करने के बाद ही e-Nomination पंजीकृत होने की बात कही गई है। 

क्या e-Nomination के बिना PF निकालना संभव नहीं होगा?

EPFO पोर्टल पर सदस्यों को e-Nomination पूरा करने से संबंधित संदेश दिखाए जा सकते हैं। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि सामान्य PF निकासी, मृत्यु दावा और नॉमिनी द्वारा किए जाने वाले क्लेम अलग-अलग परिस्थितियां हैं।

EPFO की आधिकारिक जानकारी के अनुसार सदस्य की मृत्यु के बाद लाभार्थी ऑनलाइन दावा तभी कर सकता है, जब सदस्य ने e-Nomination दाखिल किया हो। यदि e-Nomination उपलब्ध नहीं है, तो पात्र परिवारजन को नियोक्ता के प्रमाणीकरण और आवश्यक दस्तावेजों के साथ फिजिकल क्लेम प्रक्रिया अपनानी पड़ सकती है। 

इसलिए यह कहना अधिक सही होगा कि अधूरा नॉमिनेशन भविष्य में ऑनलाइन क्लेम और लाभों के आसान सेटलमेंट में परेशानी पैदा कर सकता है। हर प्रकार की PF निकासी स्वतः असंभव हो जाएगी, ऐसा दावा करने से पहले सदस्य को अपने पोर्टल पर दिखाई दे रहे संदेश और EPFO के आधिकारिक नियमों की जांच करनी चाहिए।

EPFO e-Nomination ऑनलाइन कैसे पूरा करें?

सबसे पहले EPFO के आधिकारिक सदस्य पोर्टल पर जाएं और UAN, पासवर्ड तथा कैप्चा के जरिए लॉग इन करें। इसके बाद Manage सेक्शन में जाकर e-Nomination विकल्प चुनें।

अब परिवार से संबंधित जानकारी दर्ज करें। इसके बाद जिस व्यक्ति को नॉमिनी बनाना है, उसका नाम, जन्मतिथि, संबंध, आधार विवरण, पता और फोटो जैसी आवश्यक जानकारी भरें। EPF और EPS के लिए नॉमिनी का हिस्सा तय करते समय कुल हिस्सेदारी 100 प्रतिशत होनी चाहिए।

सभी विवरण जांचने के बाद उन्हें सेव करें। इसके बाद e-Sign विकल्प चुनें। आधार या वर्चुअल आईडी की जानकारी दर्ज करके सत्यापन पूरा करें। आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर आए OTP को भरते ही डिजिटल हस्ताक्षर की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।

e-Sign का विकल्प नहीं दिख रहा तो क्या करें?

यदि पोर्टल पर e-Sign का विकल्प दिखाई नहीं दे रहा है, तो सबसे पहले यह जांचें कि UAN में दर्ज नाम, जन्मतिथि और लिंग आधार रिकॉर्ड से मेल खाते हैं या नहीं। आधार से मोबाइल नंबर लिंक और सक्रिय होना भी जरूरी है, क्योंकि OTP उसी नंबर पर भेजा जाता है।

इसके अलावा नॉमिनी की फोटो, आधार विवरण और हिस्सेदारी सही तरीके से सेव हुई है या नहीं, इसकी भी जांच करें। तकनीकी समस्या बनी रहने पर EPFO के आधिकारिक हेल्पडेस्क या शिकायत निवारण प्रणाली का उपयोग किया जा सकता है।

e-Nomination के लिए कोई अंतिम तारीख है?

EPFO की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध सूचना के अनुसार e-Nomination अपडेट करने की कोई निश्चित अंतिम तारीख नहीं है। इसलिए सोशल मीडिया या अनजान वेबसाइट पर प्रसारित किसी भी कथित डेडलाइन पर तुरंत भरोसा नहीं करना चाहिए। फिर भी, भविष्य में परिवार को परेशानी से बचाने के लिए इसे जल्द पूरा करना समझदारी है। 

फर्जी कॉल और वेबसाइट से रहें सावधान

e-Nomination या e-Sign पूरा करते समय केवल EPFO की आधिकारिक वेबसाइट या UMANG ऐप का ही इस्तेमाल करें। EPFO ने चेतावनी दी है कि संगठन या उसका कोई कर्मचारी फोन, मैसेज, WhatsApp अथवा सोशल मीडिया के जरिए UAN, पासवर्ड, आधार, बैंक विवरण या OTP नहीं मांगता। 

किसी अनजान व्यक्ति के साथ OTP साझा करना या संदिग्ध लिंक पर लॉग इन करना आर्थिक धोखाधड़ी का कारण बन सकता है।

निष्कर्ष

EPFO e-Nomination केवल नॉमिनी का नाम दर्ज करने की प्रक्रिया नहीं है। इसे पूरा करने के लिए Aadhaar आधारित e-Sign भी आवश्यक चरण है। यदि सदस्य ने जानकारी सेव कर दी है, लेकिन e-Sign नहीं किया है, तो उसे दोबारा पोर्टल पर जाकर प्रक्रिया की स्थिति जांचनी चाहिए।

सही तरीके से पूरा किया गया e-Nomination भविष्य में परिवार के लिए PF, पेंशन और बीमा लाभों के दावे को आसान बना सकता है। इसलिए इस काम को नजरअंदाज करने के ब

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