किसी रिश्तेदार की मौत के बाद बैंक, EPF और इंश्योरेंस का पैसा कैसे पाएं? जानें पूरा कानूनी प्रोसेस

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ओडिशा राज्य में हाल ही में हुई एक घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है; जिसमें एक आदमी को अपनी बहन की मौत साबित करने के लिए बहुत दर्दनाक कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा। वहां, एक भाई को अपनी बहन की डेड बॉडी को बैंक ले जाकर उसकी सेविंग्स लेनी पड़ीं। यह सिर्फ़ एक अकेली घटना नहीं है, बल्कि एक गंभीर चेतावनी है। इससे पता चलता है कि अगर ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स और वारिस की डिटेल्स अपडेटेड न रखी जाएं, तो किसी अपने की मौत के बाद उनके पैसे क्लेम करना कितना मुश्किल हो सकता है। ऐसी मुश्किल स्थितियों से बचने के लिए, यह पहले से जानना बहुत ज़रूरी है कि किसी मरे हुए रिश्तेदार का बैंक बैलेंस, एम्प्लॉईज़ प्रोविडेंट फंड (EPF) और इंश्योरेंस अमाउंट आसानी से कैसे निकाला जाए।
पूरा प्रोसेस यहां आसान भाषा में समझाया गया है:
1. बैंक अकाउंट से पैसे कैसे निकालें?
अगर अकाउंट पर कोई नॉमिनी रजिस्टर्ड है, तो प्रोसेस बहुत सीधा है। बैंक सिर्फ़ डेथ सर्टिफिकेट और KYC डॉक्यूमेंट्स जमा करने पर आसानी से अमाउंट दे देता है। लेकिन अगर अकाउंट पर कोई नॉमिनी नहीं है, तो आपको डेथ सर्टिफिकेट के साथ क्लेम फॉर्म, इंडेम्निटी बॉन्ड और परिवार के दूसरे सदस्यों से ‘NOC’ जमा करना होगा। छोटी रकम के मामले में, बैंक आमतौर पर इन क्लेम को आसानी से सेटल कर देते हैं। अगर रकम बड़ी है, तो बैंक कोर्ट से सर्टिफाइड ‘हीरशिप सर्टिफिकेट’ या ‘डेथ सर्टिफिकेट’ जमा करने के लिए कह सकता है।
2 EPF और पेंशन फंड
अगर EPF अकाउंट में कोई नॉमिनी नहीं बनाया गया है, तब भी परिवार के सदस्य फंड पर क्लेम कर सकते हैं। इसके लिए, आपको कंपनी से सर्टिफाइड ‘जीवित परिवार के सदस्यों की लिस्ट’ या किसी सरकारी अथॉरिटी से जारी ‘लीगल हीरशिप सर्टिफिकेट’ जमा करना होगा। इन डॉक्यूमेंट्स के आधार पर, कानूनी वारिस ऑनलाइन या ऑफलाइन क्लेम एप्लीकेशन फाइल कर सकते हैं।
3. सम एश्योर्ड
इंश्योरेंस के मामले में, यह याद रखना बहुत ज़रूरी है कि नॉमिनी हमेशा फंड या रकम का मालिक नहीं होता है। वह व्यक्ति सिर्फ एक ट्रस्टी की भूमिका निभाता है; जिसका काम बैंक या इंश्योरेंस कंपनी से रकम लेना और उसे सीधे कानूनी वारिसों में बांटना होता है। बेनिफिशियरी नॉमिनी: 2025 से लागू नियमों के अनुसार, अगर पति/पत्नी, बच्चे या माता-पिता को नॉमिनी बनाया जाता है, तो उन्हें फंड का सीधा मालिक माना जाएगा। अगर नॉमिनी, नॉमिनी के अलावा कोई और है या अगर कोई व्यक्ति नॉमिनेट ही नहीं है, तो दूसरे रिश्तेदारों को कोर्ट से सक्सेशन सर्टिफिकेट लेना होगा।
कानूनी सलाह और उपाय
अगर कोई बैंक या संस्था रकम देने से मना करती है, तो आप सिविल कोर्ट में अपील कर सकते हैं। ऐसी मुश्किल समस्याओं से बचने के लिए, एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि आपके हर इन्वेस्टमेंट और बैंक अकाउंट के लिए किसी व्यक्ति को नॉमिनेट करना ज़रूरी है। पक्का करें कि आप समय-समय पर अपने नॉमिनी की डिटेल्स अपडेट करते रहें। साथ ही, अगर हो सके, तो वसीयत बनाने को प्राथमिकता दें।
