GST New Rules 2026 : क्या 1 नवंबर से बदल जाएंगे GST के नियम? छोटे व्यापारियों के लिए बड़ी खुशखबरी

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PC: India tv hindi

केंद्र सरकार ने गुड्स एंड सर्विसेज़ टैक्स (GST) से जुड़े प्रोसेस को आसान बनाने के लिए ज़रूरी बदलावों का प्रस्ताव दिया है। इन बदलावों से मुख्य रूप से छोटे व्यापारियों, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के ज़रिए सामान बेचने वाले सेलर्स और GST रिफंड का इंतज़ार कर रहे बिज़नेसमैन को फ़ायदा होगा। दी गई जानकारी के मुताबिक, कुछ एडमिनिस्ट्रेटिव सुधार 1 नवंबर, 2026 से अलग-अलग फेज़ में लागू करने की तैयारी है। जबकि कानून में बदलाव की ज़रूरत वाले प्रोविज़न 1 अप्रैल, 2027 से लागू होने की संभावना है।

GST रजिस्ट्रेशन प्रोसेस को आसान बनाया जाएगा
नए प्रस्ताव के मुताबिक, ई-कॉमर्स के ज़रिए अलग-अलग राज्यों में बिज़नेस करने वाले छोटे सेलर्स के लिए GST रजिस्ट्रेशन प्रोसेस को आसान बनाया जा सकता है। जिस राज्य में सेलर का अपना ऑफिस नहीं है, वहां संबंधित ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के वेयरहाउस को बिज़नेस की मुख्य जगह घोषित करने की सुविधा दी जा सकती है। इसके लिए सेलर का कम से कम एक राज्य में फिजिकल बिज़नेस होना ज़रूरी होगा। संबंधित राज्य में फिजिकल वेरिफिकेशन और आधार ऑथेंटिकेशन का प्रोसेस पूरा करना होगा। उम्मीद है कि इस बदलाव से करीब 9.5 लाख छोटे सेलर्स को फ़ायदा होगा।

रजिस्ट्रेशन के लिए डॉक्यूमेंट्स का प्रोसेस आसान किया जाएगा
GST रजिस्ट्रेशन के लिए ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स और जानकारी के बारे में साफ़ गाइडलाइंस जारी करने का प्रस्ताव है। GST REG-01 एप्लीकेशन में ऑप्शन और ऑनलाइन पोर्टल पर प्रोसेस को आसान बनाकर, अधूरे डॉक्यूमेंट्स की वजह से एप्लीकेशन के रिजेक्ट होने की घटनाओं को कम किया जा सकता है। इससे व्यापारियों का समय और एडमिनिस्ट्रेटिव झंझट बचने की उम्मीद है।

GST रिफंड जल्दी मिलने की संभावना
इलेक्ट्रॉनिक कैश लेजर में जमा ज़्यादा रकम का एलिजिबल रिफंड ऑटोमेटेड सिस्टम के ज़रिए मंज़ूर करने का प्रस्ताव है। साथ ही, एलिजिबल ज़ीरो-रेटेड सप्लाई और इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर से जुड़े रिफंड क्लेम के मामले में, रिस्क वेरिफिकेशन के बाद 90 परसेंट रकम प्रोविजनली मंज़ूर की जा सकती है। गलतियों के बारे में रिफंड एप्लीकेशन या मेमो जारी करने की टाइम लिमिट को 15 दिन से घटाकर 10 दिन करने का भी प्रस्ताव है।

GST नोटिस में भी बदलाव
छोटे व्यापारियों पर कम्प्लायंस का बोझ और कानूनी झगड़े कम करने के लिए, कम से कम 10,000 रुपये की लिमिट वाले शो कॉज़ नोटिस का भी प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। दी गई जानकारी के मुताबिक, 8 अक्टूबर को हुई GST काउंसिल की 57वीं मीटिंग में इन बदलावों को मंज़ूरी दी गई थी। हालांकि, सभी बदलाव एक ही दिन लागू नहीं होंगे। इसलिए, ट्रेडर्स को फ़ाइनल नोटिफिकेशन और ऑफ़िशियल गाइडलाइंस को वेरिफ़ाई करके उसी हिसाब से एक्शन लेना चाहिए।

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