PF होल्डर्स के लिए खुशखबरी! UPI के ज़रिए मिनटों में निकाल सकते हैं पैसे; EPFO ​​ने जारी किए नए नियम

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PC: navarashtra

एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन (EPFO) अपने लाखों अकाउंट होल्डर्स को बड़ी राहत देने के लिए पूरी तरह तैयार है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, UPI के ज़रिए तुरंत PF निकालने की सुविधा मई 2026 के आखिर तक शुरू होने की उम्मीद है। यह बदलाव EPFO ​​के नए डिजिटल प्लेटफॉर्म 'CITES 2.0' के तहत किया जा रहा है, जिससे पूरा प्रोसेस तेज़ और आसान हो जाएगा। यह बताना ज़रूरी है कि EPFO ​​के अभी 79.8 मिलियन मेंबर हैं; इसके साथ ही, 8.2 मिलियन से ज़्यादा पेंशनर भी इस ऑर्गनाइजेशन से जुड़े हैं। इसमें से 77.4 मिलियन मेंबर की KYC डिटेल्स पहले ही अपडेट हो चुकी हैं। EPFO ​​पोर्टल पर मौजूद डेटा के मुताबिक, पिछले साल 64.2 मिलियन क्लेम सेटल किए गए हैं।

अब लंबा इंतज़ार नहीं
अभी, एम्प्लॉइज को अपना PF निकालने के लिए अक्सर कुछ दिनों का इंतज़ार करना पड़ता है और कभी-कभी उनके क्लेम रिजेक्ट भी हो जाते हैं। लेकिन नया सिस्टम लागू होने के बाद, यूज़र्स सीधे अपने UAN का इस्तेमाल करके लॉग इन कर पाएंगे, OTP के ज़रिए अपनी पहचान वेरिफ़ाई कर पाएंगे और UPI के ज़रिए तुरंत अपने बैंक अकाउंट में पैसे ट्रांसफ़र कर पाएंगे। इससे मुश्किल कागज़ी कार्रवाई और उससे जुड़ी देरी दोनों खत्म हो जाएंगी। इसके अलावा, EPF स्कीम 2026, EPS 2026 और EDLI स्कीम 2026 जैसे नए सुधार जल्द ही लागू होने की उम्मीद है; जिससे PF, पेंशन और इंश्योरेंस से जुड़े नियम और कानून और मज़बूत होंगे।

UPI के ज़रिए PF से कितना निकाल सकते हैं?

नए नियमों के तहत एक बड़ा बदलाव किया गया है। कर्मचारियों को अपने कुल बैलेंस का ज़्यादा से ज़्यादा 75% निकालने की इजाज़त होगी; जबकि अकाउंट में कम से कम 25% रखना ज़रूरी होगा। सरकार का मकसद यह पक्का करना है कि कर्मचारी रिटायरमेंट के बाद की ज़रूरतों के लिए अपनी बचत का कुछ हिस्सा बचाकर रखें।

नया सिस्टम कैसे काम करेगा?

एक बार यह नई सुविधा लागू हो जाने के बाद, पूरा प्रोसेस बहुत आसान हो जाएगा। यूज़र्स EPFO ​​पोर्टल या ऐप में लॉग इन करेंगे, जहाँ वे अपना टोटल बैलेंस देख सकते हैं। फिर, वे वह खास रकम बताएँगे जो वे निकालना चाहते हैं और अपनी UPI ID देंगे। वेरिफिकेशन प्रोसेस पूरा होने के बाद, रकम सीधे उनके बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर दी जाएगी।

इस बदलाव के पीछे सरकार का मकसद क्या है?

इस कदम के ज़रिए, सरकार दो बड़े मकसद हासिल करना चाहती है। पहला, यह पक्का करना कि इमरजेंसी में कर्मचारियों को तुरंत फंड मिल जाए। दूसरा, जमा की गई पूरी रकम को एक बार में निकालने से रोककर रिटायरमेंट सिक्योरिटी को मज़बूत करना। सरकार EPFO ​​सिस्टम को और मॉडर्न बनाने की दिशा में भी काम कर रही है।

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