Farmer ID Update : क्या किसानों को नहीं मिलेंगी कोई सुविधाएं; राज्य सरकार ने 'किसान आईडी' को लेकर लिया बड़ा फैसला

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आजकल बहुत सारे बिज़नेस डिजिटल तरीके से हो रहे हैं। साथ ही, हम सामान से लेकर बैंक लोन तक, सभी ट्रांज़ैक्शन डिजिटल तरीके से करते हैं। तो फिर किसान पीछे क्यों हैं? यह सवाल बहुत से लोगों के मन में आता है। इसलिए, सरकार ने राज्य के किसानों के लिए एक ज़रूरी फ़ैसला लिया है। इस फ़ैसले में, अब किसानों के पास 'Farmer ID' होना बहुत ज़रूरी होगा।
अब किसान भी डिजिटल तरीके का इस्तेमाल करेंगे और आने वाली एग्रीस्टैक स्कीम को तेज़ कर दिया गया है। साथ ही, किसानों से डेडलाइन से पहले रजिस्टर करने की अपील की गई है। यह स्कीम महाराष्ट्र में एग्रीकल्चर सेक्टर को आसान बनाने के लिए शुरू की गई है।
14 नवंबर, 2024 से शुरू हुई इस पहल की मदद से, हर किसान को एक यूनिक 'Farmer ID' दी जाएगी। इससे किसानों की ज़मीन, फ़सल, सब्सिडी, इंश्योरेंस और ऐसी कई सरकारी स्कीम की जानकारी एक ही डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर मिल जाएगी। इससे सरकार को भविष्य की एग्रीकल्चर पॉलिसी बनाते समय सही डेटा मिलेगा। इसके लिए आखिरी तारीख 20 मई, 2026 होगी।
राज्य के कृषि विभाग ने यह ज़रूरी फ़ैसला 15 अप्रैल, 2025 से लागू कर दिया है। अब कई कृषि योजनाओं के लिए किसान ID होना ज़रूरी कर दिया गया है। फ़सल बीमा, सब्सिडी, बीज, खाद और दवाइयों के फ़ायदे के लिए यह ID होना ज़रूरी है। इसलिए, यह भी चेतावनी दी गई है कि जिन किसानों के पास यह ID नहीं होगी, उन्हें भविष्य में सरकारी योजनाओं का फ़ायदा उठाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
किसान ID के लिए रजिस्टर करना बहुत काम का है। इसके लिए किसान अपने नज़दीकी सेवा सुविधा केंद्र पर जाकर यह प्रोसेस पूरा कर सकते हैं। साथ ही, एग्रीस्टैक पोर्टल पर ऑनलाइन भी रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है। इसके लिए आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और ज़मीन से जुड़े डॉक्यूमेंट्स चाहिए।
