एल्युमिनियम के बर्तन में भूलकर भी न पकाएं 'ये' चीजें, सेहत के लिए हो सकता है खतरनाक

रोजाना के खाने में एल्युमिनियम के बर्तन सस्ते और आसान लग सकते हैं, लेकिन सेहत से जुड़ी कुछ जरूरी बातों को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। एल्युमिनियम के बर्तनों में कुछ चीजें बनाने से केमिकल रिएक्शन होता है, जिससे किडनी, हड्डियों और नर्वस सिस्टम पर बुरा असर पड़ सकता है।
एल्युमिनियम के बर्तन में कौन सी चीजें कभी नहीं पकाने चाहिए?
खट्टी और खट्टे फल वाली चीजें:
नींबू, संतरा या अन्य खट्टे फलों में एसिड होता है। इनका रस या ऐसी चीजें एल्युमिनियम के बर्तन में गर्म करने पर धातु खाने में उतर जाती है, जो सेहत के लिए बेहद हानिकारक है।
टमाटर वाली चीजें:
टमाटर एसिडिक होते हैं। टमाटर की ग्रेवी या सॉस एल्युमिनियम के बर्तन में बनाने से खाने का स्वाद तो खराब होता ही है, साथ ही उसमें धातु की मात्रा बढ़ जाती है।
विनेगर (सिरका) वाली चीजें:
विनेगर की एल्युमिनियम के साथ बहुत तेजी से केमिकल रिएक्शन होती है। इसलिए ऐसी चीजों को हमेशा कांच या सिरेमिक के बर्तनों में ही रखना या पकाना चाहिए।
इमली की चटनी:
इमली का खट्टापन एल्युमिनियम के साथ रिएक्ट कर सकता है। इमली की चटनी या इमली डाली हुई सब्जियां एल्युमिनियम के बर्तन में ज्यादा समय तक रखना टालें।
दही और डेयरी प्रोडक्ट्स:
दही, छाछ या अन्य डेयरी प्रोडक्ट्स में लैक्टिक एसिड होता है, जो एल्युमिनियम के संपर्क में आने पर हानिकारक जहरीले पदार्थ बना सकते हैं।
आलू:
आलू में नेचुरल एसिड होता है, जो एल्युमिनियम के बर्तन में पकाने पर रिएक्शन करते हैं। इससे न सिर्फ खाने का स्वाद बदलता है, बल्कि सेहत पर भी बुरा असर पड़ता है। आलू पकाने के लिए स्टेनलेस स्टील या लोहे के बर्तन इस्तेमाल करना बेहतर होगा।
