DA Hike Calculation: क्या DA पर इनकम टैक्स लगता है? केंद्र सरकार के कर्मचारियों के मन में उठने वाले ज़रूरी सवालों के जवाब जानें

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PC: TV9 BHARATVARSH

अगर आप सेंट्रल गवर्नमेंट के एम्प्लॉई हैं, तो आपको पता होगा कि आपका डियरनेस अलाउंस (DA) कितना ज़रूरी है। जब महंगाई बढ़ती है, तो घर के खर्चे भी बढ़ जाते हैं। ऐसे में सरकार एम्प्लॉई को फाइनेंशियल राहत देने के लिए डियरनेस अलाउंस देती है। लेकिन DA कितने तरह का होता है, इसे कैसे कैलकुलेट किया जाता है और क्या इस पर इनकम टैक्स लगता है? आइए जानते हैं ज़रूरी बातें।

डियरनेस अलाउंस क्या है?
डियरनेस अलाउंस एम्प्लॉई की बेसिक सैलरी के एक तय परसेंटेज के तौर पर दिया जाता है। महंगाई के असर को कम करने के लिए, सेंट्रल गवर्नमेंट साल में दो बार, आम तौर पर जनवरी और जुलाई में, लागू रेट के हिसाब से DA को रिवाइज करती है। हालांकि, बढ़ोतरी की ऑफिशियल घोषणा अक्सर मार्च और अक्टूबर के आसपास की जाती है।

DA के दो मुख्य टाइप
डियरनेस अलाउंस दो तरह का होता है। इसका मतलब समझें।

इंडस्ट्रियल डियरनेस अलाउंस (IDA): यह अलाउंस पब्लिक सेक्टर में इंडस्ट्रियल एम्प्लॉई के लिए लागू होता है। इसे कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स के आधार पर कैलकुलेट किया जाता है और आम तौर पर हर तीन महीने में इसे रिवाइज किया जाता है।

वेरिएबल डियरनेस अलाउंस (VDA): यह अलाउंस एलिजिबल कर्मचारियों को कुछ नियमों के मुताबिक महंगाई से राहत देने के लिए दिया जाता है। बेसिक सैलरी नोटिफिकेशन के मुताबिक यह एलिजिबल कर्मचारियों के लिए खास तौर पर ज़रूरी है।

DA कैसे कैलकुलेट होता है?
सेंट्रल गवर्नमेंट कर्मचारियों के लिए DA का कैलकुलेशन पिछले 12 महीनों के कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स (AICPI-IW) के एवरेज और सातवें पे कमीशन के बताए गए फॉर्मूले पर आधारित है। पब्लिक सेक्टर कर्मचारियों के लिए कैलकुलेशन के नियम अलग हो सकते हैं।

DA बढ़ने से किसे फायदा होता है?
सेंट्रल गवर्नमेंट कर्मचारियों और एलिजिबल पेंशनर्स को DA या डियरनेस रिलीफ (DR) बढ़ने का फायदा मिलता है। इसमें रेलवे और डिफेंस सेक्टर के एलिजिबल कर्मचारी शामिल हैं। राज्य सरकारें भी अपने कर्मचारियों के लिए अलग रेट अनाउंस करती हैं।

क्या DA टैक्सेबल है?
डियरनेस अलाउंस को सैलरी से टैक्सेबल इनकम माना जाता है। इसलिए, इसे लागू इनकम टैक्स नियमों के मुताबिक माना जाता है। DA बढ़ने से मिलने वाली सैलरी बढ़ सकती है। हालांकि, टैक्सेबल इनकम के आधार पर टैक्स भी बदल सकता है।

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