Child SIM Card : बच्चों के मोबाइल इस्तेमाल पर बड़ा फैसला; इस देश में सेफ इंटरनेट के लिए मिलेगा अलग सिम कार्ड

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आज के डिजिटल ज़माने में, सारी जानकारी बस एक क्लिक पर मिल जाती है। लेकिन इसके जितने फ़ायदे हैं, उतने ही नुकसान भी हैं। खासकर जब छोटे बच्चे इंटरनेट इस्तेमाल करते हैं, तो माता-पिता को इससे बहुत डर लगता है। इसी बैकग्राउंड में, बच्चों की सेफ्टी के लिए एक बड़ा फ़ैसला लिया गया है। यह प्रपोज़ किया गया है कि बच्चों को सेफ़ SIM कार्ड दिए जाएं ताकि वे इंटरनेट इस्तेमाल करते समय कोई गलत हरकत न करें। सिर्फ़ सेफ़ इंटरनेट ही नहीं, बल्कि कुछ फ़ीचर भी दिए जाएंगे।
बच्चों के लिए इस SIM कार्ड में क्या खास होगा?
डेली न्यूज़ इजिप्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इजिप्ट की सरकार बच्चों के लिए सेफ़ इंटरनेट पैकेज के साथ यह नया SIM कार्ड देगी। इसके अलावा, इसमें पेरेंटल कंट्रोल जैसे फ़ीचर भी शामिल होंगे, जिससे माता-पिता अपने बच्चों की ऑनलाइन एक्टिविटी पर नज़र रख सकेंगे। सोशल मीडिया का इस्तेमाल उम्र के हिसाब से सीमित होगा, ताकि बच्चे सिर्फ़ वही कंटेंट देख सकें जो उनकी उम्र के हिसाब से सही हो।
सरकार एक नया लीगल फ्रेमवर्क बना रही है। यह पहल सिर्फ़ एक टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट तक सीमित नहीं है। बल्कि, इसके पीछे एक पूरा लीगल और पॉलिसी फ्रेमवर्क बनाया जा रहा है। सरकार बच्चों को ऑनलाइन सुरक्षा देने के लिए एक बड़े कानून पर काम कर रही है, जिसे जल्द ही फाइनल कर दिया जाएगा। इस प्लान में टेलीकॉम कंपनियों के साथ मिलकर एक पक्का इंटरनेट कंट्रोल सिस्टम बनाना भी शामिल है, जो कंटेंट को क्लासिफाई करेगा और डिवाइस लेवल पर कंट्रोल को इनेबल करेगा।
सरकार की प्राथमिकताएं
देश की लीडरशिप ने यह साफ कर दिया है कि डिजिटल दुनिया में बढ़ते खतरों से निपटना बहुत ज़रूरी है। सरकार का लक्ष्य एक ऐसा ऑनलाइन माहौल बनाना है जो बच्चों की सुरक्षा करे और सामाजिक मूल्यों को बनाए रखे। इस दिशा में कानून बनाने का प्रोसेस तेज़ी से चल रहा है, ताकि इसे संबंधित डिपार्टमेंट को भेजा जा सके और जल्द ही लागू किया जा सके।
ऑनलाइन खतरों पर एक्शन
यह पहल ऑनलाइन जुआ, वीडियो गेम के ज़रिए नकली करेंसी का फैलना और डिजिटल लत जैसे कई गंभीर मुद्दों पर भी फोकस करती है। बच्चों को इन खतरों से बचाने के लिए, सरकार इन सेक्टर में काम करने वाली कंपनियों के लिए रेगुलेशन बनाने की योजना बना रही है। प्रस्तावित रेगुलेशन के अनुसार, डिजिटल प्लेटफॉर्म को कई सुरक्षा उपाय भी लागू करने होंगे। इनमें उम्र का वेरिफिकेशन, पैरेंटल कंट्रोल और कंटेंट का साफ क्लासिफिकेशन शामिल होगा। कंपनियों को रेगुलर रिपोर्ट जमा करने, यूज़र की शिकायतों को हल करने के लिए सिस्टम बनाने और पब्लिक अवेयरनेस कैंपेन चलाने की भी ज़रूरत होगी।
