Breast Cancer: शहरी महिलाओं में क्यों बढ़ रहा है ब्रेस्ट कैंसर का खतरा? ये है कारण

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PC: Saamtv

हाल ही में हुए एक स्वास्थ्य सर्वेक्षण के अनुसार, महाराष्ट्र में 15 से 49 वर्ष की आयु के हर चार में से एक व्यक्ति मोटापे से ग्रस्त है। विशेषज्ञों का कहना है कि मोटापे के गंभीर स्वास्थ्य परिणाम हो सकते हैं। मोटापा, खासकर महिलाओं में, कई बीमारियों को न्योता देता है। मोटापा स्तन कैंसर के खतरे को भी बढ़ाता है। इसलिए, मोटापा महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। जानिए स्तन कैंसर के क्या कारण हैं।

शहरों में स्तन कैंसर का खतरा बढ़ रहा है

भारत के राष्ट्रीय कैंसर पंजीकरण कार्यक्रम के आंकड़ों के अनुसार, लगभग 30% महिलाएं स्तन कैंसर से पीड़ित हैं। शहरी क्षेत्रों में महिलाओं को विशेष रूप से खतरा होता है, क्योंकि शहरी महिलाओं की जीवनशैली बहुत अलग होती है। व्यस्त जीवन की बदलती जीवनशैली, गलत खान-पान, अस्वास्थ्यकर आहार, व्यायाम की कमी और तनाव स्तन कैंसर के कारण हैं।

विशेषज्ञ की राय

एमओसी कैंसर सेंटर के वरिष्ठ कैंसर विशेषज्ञ डॉ. देवेंद्र पाल ने कहा, "मोटापा केवल वजन के बारे में नहीं है। इससे इंसुलिन प्रतिरोध, सूजन, उच्च एस्ट्रोजन स्तर, मधुमेह और फैटी लिवर जैसी समस्याएं हो सकती हैं, जिससे स्तन कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।"

अपना ख्याल रखें

कैंसर से बचाव के लिए आपको अपनी दिनचर्या में ज़रूरी बदलाव करने होंगे। सबसे पहले, अपने वज़न को नियंत्रित रखना ज़रूरी है। ज़्यादा चर्बी कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है, इसलिए अपने दैनिक आहार में हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ, फल और साबुत अनाज शामिल करें। रोज़ाना कम से कम 30 से 40 मिनट व्यायाम या योग करें। स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. पाल ने कहा, "स्वस्थ वज़न बनाए रखना, उचित आहार लेना, नियमित व्यायाम करना और नियमित स्वास्थ्य जाँच करवाना, ये सभी स्तन कैंसर से बचाव में बहुत मददगार हो सकते हैं।"

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