Bank Alert : अकाउंट से पैसे कट गए लेकिन कोई SMS नहीं आया? SBI को अब ब्याज के साथ पैसे करने होंगे वापस

PC: Amar ujala
क्या आपका बैंकिंग अकाउंट आपके मोबाइल नंबर से लिंक है? लेकिन फिर भी आपको अपने ट्रांज़ैक्शन के बारे में मोबाइल पर मैसेज नहीं मिल रहे हैं? अगर आपको अपने ट्रांज़ैक्शन के बारे में बैंक से मैसेज नहीं मिल रहे हैं, तो आपको बैंक से हर्जाना मिल सकता है। बैंक अकाउंट के साथ मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड होने पर भी कस्टमर को ट्रांज़ैक्शन का SMS अलर्ट न भेजना एक जाने-माने बैंक को बहुत महंगा पड़ा है। ऐसे ही एक मामले में, दिल्ली में नॉर्थ-ईस्ट डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन ने स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया (SBI) को सर्विस में गलती के लिए ज़िम्मेदार ठहराया है और उसे कस्टमर को बड़ी रकम वापस करने का आदेश दिया है।
असल में मामला क्या है?
मिली जानकारी के मुताबिक, यह मामला दिल्ली के वेलकम इलाके की रहने वाली सरिता की शिकायत से जुड़ा है। SBI की सीलमपुर ब्रांच में उनका सेविंग्स अकाउंट था। शिकायत के मुताबिक, 25 मार्च, 2020 को उनके अकाउंट में 1,35,046 रुपये थे। हालांकि, जब वह नवंबर 2020 में पैसे निकालने बैंक गईं, तो पता चला कि उनके अकाउंट से पूरी रकम गायब हो गई है। जांच में पता चला कि मई और जुलाई 2020 के बीच अलग-अलग तारीखों और जगहों से कस्टमर सर्विस सेंटर के ज़रिए उनके अकाउंट से पैसे निकाले गए। खास बात यह है कि इन ट्रांज़ैक्शन के बारे में उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर कोई SMS अलर्ट नहीं भेजा गया।
कमीशन ने हर्जाने का जुर्माना लगाया
बैंक ने कमीशन को बताया कि आधार नंबर के ज़रिए अलग-अलग जगहों से पैसे निकाले गए। यह भी बताया कि शिकायत मिलने के बाद इंटरनल जांच की गई। हालांकि, बैंक यह साबित करने में नाकाम रहा कि कस्टमर के मोबाइल नंबर पर ट्रांज़ैक्शन अलर्ट भेजे गए थे। कमीशन के चेयरमैन सुरिंदर कुमार शर्मा और मेंबर आदर्श नैन की बेंच ने SBI को पीड़ित के अकाउंट से गायब हुए 1,35,500 रुपये की रकम शिकायत दर्ज करने की तारीख से 9 परसेंट सालाना ब्याज के साथ वापस करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा, 45,000 रुपये हर्जाने के तौर पर और 25,000 रुपये कानूनी खर्च के तौर पर देने का भी आदेश दिया है। कमीशन ने इस रकम पर 9 परसेंट ब्याज देने का भी निर्देश दिया है।
SMS अलर्ट न भेजना पड़ेगा महंगा
कमीशन ने साफ किया कि ट्रांज़ैक्शन के SMS अलर्ट न भेजना बैंक की सर्विस में लापरवाही है। अगर कस्टमर को ट्रांज़ैक्शन की जानकारी समय पर मिल जाती, तो वह तुरंत एक्शन ले सकता था और पैसे के नुकसान से बच सकता था। इसलिए, कमीशन ने SBI को ब्याज, मुआवज़े और कानूनी खर्च के साथ रकम चुकाने का आदेश दिया।
