Back pain causes: क्या आप लगातार पीठ दर्द को नज़रअंदाज़ कर रहे हैं? यह एक गंभीर समस्या का देता है संकेत

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PC: saamtv

ऑफिस में हम एक ही जगह पर लंबे समय तक बैठे रहते हैं। इससे न सिर्फ वजन बढ़ता है बल्कि कमर दर्द भी होता है। कमर दर्द होने पर हम पेनकिलर या क्रीम लगाकर इसे इग्नोर कर देते हैं। हालांकि, ऐसा करना महंगा पड़ सकता है। लेकिन यह आसान सी दिखने वाली प्रॉब्लम कभी-कभी शरीर की तरफ से एक सीरियस वॉर्निंग हो सकती है।

कमर दर्द हमेशा आसान नहीं होता
कमर दर्द के कारणों में गलत पोस्चर, लंबे समय तक बैठे रहना या बहुत ज़्यादा एक्सरसाइज़ को माना जाता है। कई बार ये चीजें इसका कारण होती हैं। हालांकि, कभी-कभी यह प्रॉब्लम सिर्फ मसल्स से ही जुड़ी नहीं होती बल्कि शरीर में दूसरी सीरियस प्रॉब्लम्स की ओर भी इशारा करती है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कभी-कभी आपको होने वाला कमर दर्द किडनी की बीमारी की ओर भी इशारा करता है।

कैसे बताएं फर्क?
डॉक्टर्स का कहना है कि सभी कमर दर्द एक जैसे नहीं होते। मसल्स से जुड़ा दर्द मूवमेंट से बढ़ता है और आराम करने से कम होता है। आप गर्म पानी की बोतल से सिकाई करने या स्ट्रेचिंग करने से भी आराम पा सकते हैं। लेकिन किडनी से जुड़ा दर्द शरीर के अंदर गहराई में महसूस होता है। यह दर्द मूवमेंट से नहीं बढ़ता और आराम करने पर भी आसानी से कम नहीं होता। इस फर्क को पहचानना बहुत ज़रूरी है।

डॉ. रतन झा के अनुसार, अगर कमर दर्द धीरे-धीरे शुरू होता है, तो कई लोग इसे मसल्स की प्रॉब्लम समझकर इग्नोर कर देते हैं। हालांकि, यह समझना ज़रूरी है कि किडनी से जुड़ा दर्द अलग होता है।

किडनी की प्रॉब्लम के लक्षण
किडनी से जुड़ी बीमारियों में शुरू में बहुत ज़्यादा लक्षण नहीं दिखते। ये प्रॉब्लम धीरे-धीरे बढ़ती हैं। इनमें पेशाब करने की आदतों में बदलाव, पेशाब करते समय जलन, पेशाब का रंग गहरा होना या आंखों और पैरों के आसपास सूजन आना शामिल हो सकता है।

डॉ. हिमा दीप्ति अल्लाह के अनुसार, किडनी से जुड़ा दर्द हमेशा गंभीर नहीं होता। अक्सर यह दर्द कमर या साइड में लगातार महसूस होता है। लोग इसे बैठने की गलत आदत या थकान समझकर इग्नोर कर देते हैं।

नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ हेल्थ के डेटा के अनुसार, किडनी की गंभीर बीमारी का शुरुआती स्टेज में पता लगाना मुश्किल होता है। क्योंकि इसके लक्षण बहुत हल्के होते हैं या साफ़ नहीं होते।

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