8th Pay Commission: क्या फिटमेंट फैक्टर कम होने पर भी सैलरी बढ़ेगी? 2.1 फ़ॉर्मूले के पीछे का गणित समझें

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केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ी खबर सामने आई है। कर्मचारियों में इस बात को लेकर उत्सुकता है कि नए पे कमीशन से बेसिक सैलरी कितनी बढ़ेगी, फिटमेंट फैक्टर कितना होगा और हाथ में सैलरी कितनी बढ़ेगी। कुछ चर्चाओं में यह अनुमान लगाया जा रहा है कि फिटमेंट फैक्टर 2.1 होगा। लेकिन सरकार ने अभी तक फाइनल फिटमेंट की घोषणा नहीं की है।

फिटमेंट फैक्टर 2.1 होने के बाद बेसिक सैलरी कितनी होगी?
अभी सातवें पे कमीशन के अनुसार, केंद्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है। उदाहरण के लिए, अगर आठवें पे कमीशन में 2.1 फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो 18,000 रुपये को 2.1 से गुणा करने पर नई बेसिक सैलरी 37,800 रुपये होगी। यानी बेसिक पे 38 हजार रुपये हो सकती है। लेकिन यह सिर्फ एक अनुमान है और यह फाइनल पे स्ट्रक्चर कमीशन की सिफारिशों और सरकार के फैसले पर निर्भर करता है।

फिटमेंट फैक्टर कम होने पर भी यह कैसे फायदेमंद है?

सातवें पे कमीशन ने 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया था। तब बेसिक सैलरी 7,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये कर दी गई थी। लेकिन उस समय के महंगाई भत्ते को देखते हुए, सिर्फ़ फिटमेंट फैक्टर से असल बढ़ोतरी का पता नहीं लगाया जा सकता। अगर हम मान लें कि DA मौजूदा बेसिक सैलरी 18,000 रुपये का 58 परसेंट है, तो महंगाई भत्ता 10,440 रुपये होगा। इसलिए, बेसिक सैलरी और DA मिलाकर कुल 28,440 रुपये होता है। अगर नई बेसिक सैलरी 37,800 रुपये है, तो पुरानी बेसिक सैलरी और DA मिलाकर 9,360 रुपये का फ़र्क है। यह रिपोर्ट 2027 के आस-पास जारी होने की संभावना है।

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