8th Pay Commission: रेलवे कर्मचारियों की चांदी! क्या 8वें वेतन आयोग में सैलरी के साथ मिलेंगे 4 बड़े भत्ते?

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सरकारी कर्मचारियों को आठवें पे कमीशन से बहुत उम्मीदें हैं। इसी तरह, रेलवे कर्मचारियों ने भी सैलरी बढ़ाने की मांग की है। ऑल इंडिया रेलवेमेन्स फेडरेशन (AIRF) ने 30 अक्टूबर को आठवें पे कमीशन के सामने अपनी मांगें रखीं। संगठन ने यह बात रखी है कि रेलवे कर्मचारियों के काम के नेचर, टेक्निकल ज़िम्मेदारियों और काम के खतरों को ध्यान में रखकर पे स्केल तय किया जाना चाहिए।

रेलवे कर्मचारियों की असल मांगें क्या हैं?
AIRF ने आठवें पे कमीशन से रेलवे कर्मचारियों के लिए ज़्यादा पे स्केल की मांग की है। रेलवे सर्विस पूरे साल 24 घंटे चलती हैं। कर्मचारियों को अलग-अलग मौसम और ज्योग्राफिकल कंडीशन में काम करना पड़ता है। इसलिए, संगठन ने बताया कि रेलवे कर्मचारियों के काम का नेचर दूसरे सरकारी कर्मचारियों से अलग होता है।

क्योंकि रेलवे अब तेज़ी से मॉडर्नाइज़ हो रहा है, इसलिए कर्मचारियों को ज़्यादा टेक्निकल नॉलेज और स्किल्स की ज़रूरत है। इसलिए, यह मांग की गई है कि सैलरी उनकी ज़िम्मेदारियों के हिसाब से तय की जानी चाहिए।

कौन से स्पेशल अलाउंस की मांग की गई है?

काम पर एक्सीडेंट, गंभीर चोट और जान जाने के रिस्क को देखते हुए,

AIRF ने स्पेशल अलाउंस की मांग की है।

1. रिस्क एंड हार्डशिप अलाउंस: जोखिम भरे और मुश्किल हालात में काम करने के लिए स्पेशल अलाउंस।

2. हैज़र्डस ड्यूटी अलाउंस: खतरनाक काम के लिए एक्स्ट्रा अलाउंस।

3. हिल अलाउंस: पहाड़ी इलाकों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए अलाउंस।

4. ड्रेस अलाउंस: यूनिफॉर्म और कपड़ों के लिए अलाउंस।

ट्रैक मेंटेनर्स की सैलरी बढ़ाने की मांग
रेलवे ट्रैक की देखभाल करने वाले ट्रैक मेंटेनर्स का काम बहुत जोखिम भरा होता है। रेलवे ट्रैक की क्वालिटी और एक्यूरेसी बनाए रखने के लिए उन्हें खास टेक्निकल स्किल्स की ज़रूरत होती है। इसलिए, AIRF ने मांग की है कि ट्रैक मेंटेनर्स को दूसरे इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के टेक्नीशियन की तरह सैलरी और सुविधाएं दी जाएं। साथ ही, पेट्रोलमैन, कीमैन और गेटमैन के लिए स्पेशल अलाउंस देने का प्रस्ताव भी रखा गया।

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