Video: वो चीखता रहा तड़पता रहा लेकिन कोई नहीं आया बचाने, Pre-School में 23 महीने के मासूम को दूसरे बच्चे ने 25 बार काटा, वीडियो देखें

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डेकेयर का एक वीडियो इन दिनों बेहद ही वायरल हो रहा है। दरअसल तीन बच्चों को एक कमरे में बंद कर दिया गया। डर के मारे एक बच्चे ने दूसरे बच्चे को 20 से 25 बार काटा। डेकेयर वर्कर ने कथित तौर पर बच्चों को एक कमरे में बंद कर दिया और चले गए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह दुखद घटना 23 जून को महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर के एक डेकेयर सेंटर में हुई। घटना CCTV में कैद होने के बाद सोशल मीडिया पर फैल गई। वीडियो वायरल हो गया।  


मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक 29 साल के वकील ने सुबह करीब 10:30 बजे अपने बच्चे को डेकेयर सेंटर में छोड़ दिया। ‘घर का कलेश’ नाम के एक एक्स-हैंडल पर पब्लिकली शेयर किए गए वीडियो में, सेंटर की केयरटेकर चार बच्चों के साथ एक कमरे में बैठी दिख रही है। बच्चे खेलते हुए दिख रहे हैं। महिला वर्कर चार बच्चों में से एक का हाथ पकड़कर कमरे से बाहर चली गई। उसने तीनों बच्चों को बंद कमरे में छोड़ दिया और चली गई। उसके बाद यह भयानक घटना हुई। कमरे में कोई टीचर या केयरटेकर मौजूद नहीं था, इसलिए बच्चे डर के मारे रोने लगे और दरवाज़ा खोलने की कोशिश करने लगे। इसी दौरान, सफ़ेद शर्ट पहने तीन बच्चों में से एक ने काली टी-शर्ट पहने दूसरे बच्चे को मारना और काटना शुरू कर दिया। तीसरा बच्चा यह घटना देखकर डर के मारे वहीं खड़ा रहा। CCTV फुटेज में दिख रहा है कि सुबह 11 बजे से 11:30 बजे के बीच, एक बच्चे ने दूसरे बच्चे को करीब 15 मिनट तक लगातार थप्पड़ मारे, खरोंचा और काटा। इस पूरे समय वहाँ कोई स्टाफ़ या केयरटेकर नहीं दिखा। काली टी-शर्ट पहने बच्चा पिटने के बाद ज़ोर-ज़ोर से रोने लगा।


न्यूज़ रिपोर्ट के मुताबिक, स्कूल अधिकारियों ने दोपहर 2 बजे तक बच्चे के माता-पिता को इस घटना के बारे में नहीं बताया। जब बच्चे के गार्जियन उसे लेने आए, तो डेकेयर प्रिंसिपल ने उन्हें बताया कि एक बच्चे ने अभी-अभी उनके बच्चे का ये हाल किया है। घायल बच्चे के कपड़े हटाने के बाद, गार्जियन उसके पूरे शरीर पर गंभीर चोट के निशान देखकर चौंक गए।

बच्चे को इलाज के लिए शहर के एक प्राइवेट हॉस्पिटल ले जाया गया। बच्चे के माता-पिता ने बाद में पास के पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। बाद में, डेकेयर के CEO शुभम माहेश्वरी, मैनेजर मंगेश मुसाले और वैभव सवाडे, प्रिंसिपल कंचन येवाले और महिला केयरटेकर समेत छह कर्मचारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई।

 
बच्चे के माता-पिता ने आरोप लगाया कि स्कूल अधिकारियों ने केस न करने के बदले में उन्हें 10 लाख रुपये और उनके बच्चे के लिए तीन साल की मुफ्त पढ़ाई का ऑफर दिया। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि अधिकारियों ने उन्हें यह भी धमकी दी कि अगर उन्होंने डेकेयर के खिलाफ शिकायत भी की तो कोई नतीजा नहीं निकलेगा। शिकायत दर्ज होने के बाद, शिक्षा विभाग ने भी स्कूल के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। हालांकि, सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

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