Crime: तांत्रिक के कहने पर चचेरे बाबा ने कर दिए पोते के 10 टुकड़े, प्रयागराज में घटी दिल दहलाने वाली घटना

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PC: jagran

प्रयागराज शहर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। अंधविश्वास के चलते एक चचेरे दादा द्वारा अपने पोते की बलि चढ़ाने का मामला सामने आया है। उसी ने तांत्रिक के कहने पर आरी व चापड़ से नाबालिग पोते के 10 टुकड़े कर दिए। मंगलवार सुबह स्कूल जा रहे पोते को यह कहते हुए अपहरण किया कि कुछ काम है, साथ चलो। कुछ दिन पहले प्रयागराज शहर के एक औद्योगिक क्षेत्र में एक सिर-हाथ-पैर विहीन शव मिला था। पुलिस ने इस मामले को सुलझा लिया है। पुलिस ने शव की पहचान कर ली है। प्लास्टिक के थैले में मिला शव पीयूष नाम के एक लड़के का है। वह 11 साल का था। पीयूष करेली के सदियापुर का रहने वाला था।

50 से ज़्यादा सीसीटीवी कैमरों की जाँच
इस बीच, पुलिस ने इस हत्याकांड में लड़के के दादा को गिरफ्तार कर लिया है। उसके बयान के बाद पुलिस ने शव के अन्य हिस्सों को जब्त कर लिया है। आरोपी ने क्षत-विक्षत शव को एक पॉलीथिन बैग में भरकर कुरिया गाँव के पास एक औद्योगिक क्षेत्र में फेंक दिया था। इस मामले की जाँच करते हुए पुलिस ने घटनास्थल के सभी सीसीटीवी फुटेज खंगाले।

मिर्जापुर रोड पर लगे 50 से ज़्यादा कैमरों की जाँच की गई तो पता चला कि स्कूटी सवार एक व्यक्ति ने बैग फेंका था। इसके बाद पुलिस ने स्कूटी सवार की तलाश शुरू कर दी। जाँच के दौरान पता चला कि स्कूटी सदियापुर गुरुद्वारा निवासी शरण सिंह की थी।


पीयूष मंगलवार सुबह से लापता था। उसके पिता का निधन हो चुका था, वह सदियापुर में अपनी माँ के साथ रहता था। उसकी माँ ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पीयूष मंगलवार सुबह से ही घर से निकला था। वह दोपहर तक घर आता था, लेकिन मंगलवार को वह घर नहीं लौटा। इसलिए उन्होंने स्कूल में उसकी तलाश की, लेकिन वह वहाँ भी नहीं मिला। पीयूष आरोपी शरण सिंह का पोता था।

पीयूष की हत्या के मामले में जब शरण सिंह को हिरासत में लिया गया, तो उसने पुलिस को गोलमोल जवाब दिए। इसके बाद, जब पुलिस ने उसे योजनाएँ दिखाईं, तो उसने अपना अपराध कबूल कर लिया।

नरबलि के लिए ली गई पोते की जान
पुलिस पूछताछ में आरोपी शरण सिंह ने चौंकाने वाला खुलासा किया कि उसने एक तांत्रिक के कहने पर नरबलि दी थी। कुछ समय पहले, शरण सिंह की बेटी और बेटे दोनों ने आत्महत्या कर ली थी। इस घटना से शरण सिंह सदमे में आ गया।

फिर उसने एक तांत्रिक से संपर्क किया। उस समय तांत्रिक ने उसे ग्रह दोष होने की बात बताई थी। तांत्रिक ने कहा था कि अगर लड़के या लड़की की उम्र के किसी बच्चे की बलि दी जाए, तो ग्रह दोष दूर हो जाएगा। इसके बाद शरण सिंह ने पीयूष की हत्या की साजिश रची। हत्या के बाद उसने पीयूष के हाथ, पैर और सिर काटकर जंगल में फेंक दिए।

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