Buddhist Monk Video: थाईलैंड के बौद्ध भिक्षु का आपत्तिजनक वीडियो वायरल, महिला अनुयायी के साथ बना रहा था संबंध, फिर...

थाईलैंड के वरिष्ठ बौद्ध भिक्षु लुआंग फो चोटी का एक ऐसा आपत्तिजनक वीडियो वायरल हो रहा है जिसे देख कर ही आपके होश उड़ जाएंगे। वीडियो में भिक्षु मंदिर की रसोई में एक महिला अनुयायी के साथ आपत्तिजनक स्थिति में नजर आ रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक महिला अनुयायी के साथ संबंध बनाते वीडियो सामने आने के बाद लुआंग फो चोटी को भिक्षु पद त्यागने के साथ-साथ और वस्त्र उतारना पड़ा है।
लुआंग फो चोटी पर मनी लॉन्ड्रिंग का भी आरोप
इतना ही नहीं, दोनों पर मंदिर के करीब 92 मिलियन बाहत के कथित गबन और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप भी लगाए गए हैं। आरोप है कि भिक्षु ने मंदिर में दान के रूप में मिली रकम का एक हिस्सा अपनी महिला सहयोगी के बैंक खातों में ट्रांसफर किया था। मामले में पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक, अधिकारी जब कथित गबन और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े सबूत जुटा रहे थे और संपत्तियां जब्त करने की तैयारी कर रहे थे, उसी दौरान भिक्षु के आवास से मिले सीसीटीवी फुटेज में वह अपनी महिला सहयोगी के साथ आपत्तिजनक स्थिति में नजर आया।
Berita hari ini mengecewakan para muridnya.
— Young Buddhist Association (@ybaindonesia) September 11, 2026
Mereka yang pernah berdoa di hadapan benda-benda sucinya, mengunjungi viharanya, atau menaruh keyakinan kepadanya mungkin mulai bertanya, “Apa sebenarnya nilai dari semua yang selama ini saya yakini?”
Yang lebih disayangkan, keadaan… pic.twitter.com/dvrjluLkgw
ताबीज की वजह से मिली थी विशेष प्रसिद्धि
बता दें कि लुआंग फो चोटी थाईलैंड के ताबीज संग्राहकों के बीच काफी लोकप्रिय थे। साल 2006 में उन्होंने वाट पुथैसवान के लिए ‘नुआ दुआंग’ नाम का एक बेहद प्रसिद्ध और कीमती ताबीज तैयार किया था। इसे प्रतिष्ठा बढ़ाने और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। खास बात यह है कि थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुतिन चार्नविराकुल भी इस ताबीज को धारण करते हैं।
इस मामले को लेकर युवा बौद्ध संघ कहा है कि इस खबर ने कई शिष्यों और अनुयायियों को निराश किया है. जिन लोगों ने कभी उनके पवित्र प्रतीकों के सामने प्रार्थना की, उनके विहार में जाकर श्रद्धा व्यक्त की या उन पर अपना विश्वास रखा, उनके मन में अब यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि जिस चीज पर मैंने इतने समय से विश्वास किया, उसका वास्तव में क्या मूल्य है?
इससे भी अधिक दुखद यह है कि ऐसी घटनाओं का असर उन भिक्षुओं पर भी पड़ता है, जो वर्षों से बिना किसी प्रचार या मीडिया चर्चा के लगातार अपने प्रशिक्षण में लगे हुए हैं, सूत्रों का पाठ करते हैं और आत्म-साधना करते हैं.
