Parenting tips अपने बच्चों को जरूर सिखाएं ये पांच बातें

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बच्चों में कुछ एटिकेट्स (Basic Etiquette for Child) होना बेहद ही जरूरी होता है। नहीं तो खाने की टेबल से लेकर घर से बाहर किसी ओर के यहां भी आपको शर्मिंदा होना पड़ सकता है। दरअसल, कुछ बच्चों में बचपन से ही जीने का कोई तौर-तरीका नहीं होता। उनका जो मन करता है वे वही करते हैं। इस स्थिति में जरूरी ये है कि माता-पिता बचपन से ही बच्चों में कुछ एटिकेट्स डालें। जैसे कि उन्हें बाजार कैसे जाना चाहिए, वहां कैसा बर्ताव करना चाहिए। दूसरों के घर पर कैसे रहना चाहिए और अपने घर पर किस काम के दौरान किस तरह से व्यवहार करना चाहिए। तो आइए आज हम आपको 5 एटिकेट्स के बारे में बताते हैं जो हर माता-पिता को अपने बच्चों को सिखाना चाहिए।

1. खाना खाने के एटिकेट्स
बच्चे हमेशा उधम मचाते हैं और वे जहां भी खाते हैं वे हमेशा गड़बड़ी पैदा करते हैं। खैर, यह उनकी गलती नहीं है, बस वे खाना सीख रहे हैं। आपको उन्हें टेबल मैनर्ससिखाने की जरूरत है जैसे कि

- प्लेट में एक बार में ज्यादा खाना ना भरें

-केवल उतना ही लें जितना उन्हें चाहिए

-भोजन को प्लेट में ना छोड़ें

-चम्मच को सही रखें या यह सुनिश्चित करें कि हाथ से भोजन करते समय खाना उनके कपड़ों पर न टपके।

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2. बाजार जाने पर हर चीज की जिद्द ना करें
अक्सर कुछ बच्चे बाजार जाने पर हर चीज की जिद्द करने लगते हैं। ऐसे में जरूरी ये है कि आप उन्हें समझाएं कि पहले तो बाजार जाने पर हर चीज ना छुएं। साथ ही हर चीज को देखते ही लेने की जिद्द ना करें। बाजार में ज्यादा चिल्लाएं नहीं और ना ही ज्यादा भाग-दौड़ मचाएं। इससे उन्हें या किसी ओर को चोट लग सकती है या फिर दूसरे लोग परेशान हो सकते हैं।

3. किसी भी चीज या किसी को घूरना नहीं चाहिए
हालांकि, ये काम ज्यादातर बच्चे अनजाने में करते हैं। जबकि किसी दिलचस्प चीज को घूरने में कोई खराबी नहीं है,लोगों को घूरना अच्छी बात नहीं है। ऐसे में कुछ लोग उनसे नाराज भी हो सकते हैं। इसके अलावा बड़े होने पर भी यही हरकत करने से कुछ लोग उन पर आपत्ति जता सकते हैं। बच्चों को नहीं पता होगा कि घूरना अच्छा है या बुरा इसलिए उन्हें इस बारे में बताएं। इसलिए यह हमेशा अच्छा होता है कि आप उन्हें सिखाएं कि किसी भी चीज या किसी व्यक्ति को घूरें नहीं।

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4. किसी कि पूरी बात पहले सुनें फिर बोलें
लोग सुनने वालों की सराहना करते हैं। अपने बच्चे को बताएं कि सुनना एक शिष्टाचार है जो उन्हें जगह देगा। बच्चों को बताएं कि किसी की भी बात को बीच में काट कर बोलना गलत बात है। आपको पहले दूसरों की पूरी बात सुननी चाहिए फिर अपनी बारी आने पर या फिर आपसे पूछा जाने पर बोलना चाहिए।

5. प्लीज और थैंक्यू कहना सिखाएं
बच्चों को हर चीज और हर किसी की सराहना करना सिखाएं। उन्हें बताएं कि अगर कोई चीज चाहिए तो जिद्द ना करें बल्कि रिक्वेस्ट करें। इसके लिए वे प्लीज कहना सीखें। इसके अलावा बड़ों के सामने अभद्र भाषा का प्रयोग न करें। साथ ही किसी भी चीज को पाने के बाद थैंक्यू कहना ना भूलें।

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