Navaratri Special- उपवास के दौरान पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने के लिए जरूरी है व्यायाम, करें ये आसान

 
वर्जासन

उपवास की अवधि के दौरान अतिरिक्त शारीरिक तनाव न लेते हुए हल्का व्यायाम करके अच्छा शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए कुछ सरल आसन उपयोगी होते हैं। मन की शांति और शारीरिक स्वास्थ्य का गहरा संबंध है। यदि किसी व्यक्ति को मानसिक तनाव, मानसिक रोग है तो उस व्यक्ति को पाचन संबंधी शिकायत होना चाहिए। वहीं दूसरी ओर यदि आपको कोई शारीरिक रोग है तो यह शारीरिक कष्ट मानसिक स्वास्थ्य को खराब कर सकता है और समय के साथ यह पाचन में निहित पाया जा सकता है। उदाहरण के लिए, यदि किसी व्यक्ति के चेहरे पर कई प्यूब्स या बड़े छाले हैं और वे दर्द में हैं, तो उसका मानसिक स्वास्थ्य बिगड़ जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि इन किशोरों की जड़ कब्ज और अपच में पाई जाती है।

वजन कम

नवरात्रि में आमतौर पर बारिश होती है। यह मूल रूप से पाचन को धीमा कर देता है। वर्तमान में हम तीन मौसमों का अनुभव कर रहे हैं अर्थात् सुबह में कठोर ऊन, शाम को बारिश और रात में ठंड। यही है हमारा नवरात्रि व्रत। उपवास में पाचन के लिए भारी भोजन का सेवन किया जाता है। इससे पाचन संबंधी शिकायतें बढ़ने की संभावना है। घर पर कुछ सरल योग आसन करने से निश्चित रूप से आपको अपने पाचन में सुधार करने में मदद मिल सकती है।

वज्रासन

वज्रासन- इस आसन के अभ्यास से जांघें पत्थर की तरह मजबूत होती हैं इसलिए इसे वज्रासन कहा जाता है। इसे करने के लिए दोनों पैरों को सीधा करके बैठ जाएं। दोनों हाथों को नितंबों के पास रखें। दाहिने पैर को घुटने से मोड़ें और दाहिने पैर को दाहिने हाथ से नितंबों के नीचे रखें। फिर बाएं पैर को घुटने से मोड़ें और बाएं पैर को बाएं हाथ से नितंबों के नीचे रखें। दोनों पैरों के पंजों को आपस में चिपका कर रखना चाहिए। एड़ियों के बीच थोड़ी दूरी होनी चाहिए और नितंब उस पर टिके होने चाहिए। दोनों हाथों को घुटनों पर रखें। रीढ़ की हड्डी को सख्त रखें। श्वास धीरे-धीरे चलती रहनी चाहिए। बैठने की स्थिति को छोड़कर - दोनों पैरों को घुटनों पर सीधा करके बैठें और आराम करें।

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